हिन्दी दोहा – वायु पर दोहे
मन और भावनाएँसकल सृष्टि पर व्याप्त
वायु पर रचना
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सकल सृष्टि पर व्याप्त
वायु पर रचना
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विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) पर रचना
कभी कैंसर हो न किसी को Read More »
देश की एकता व समभाव प्रस्तुत करती कविता
मेरा सपना सबकी खैर Read More »
हमारे देश की विशेषता का वर्णन करती ये कविता
सबसे प्यारा मेरा देश Read More »
जीवन में अनमोल है जल जल से उत्पत्ति जीवन की, निर्मित जल से, ब्रम्हाण्ड सकल जीवन में अनमोल है जल | निर्मल, निश्छल बहती धारा, मीठा कहीं, कहीं जल खारा, जिस पर आश्रित संसार विविध स्रोत मिलती जलधार झर-झर झरता है झरने से, ऊँचे पर्वत रहता जल | जीवन में अनमोल है जल | नदियों
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ग्रामीण परिवेश पर रचना
थके हुए हैं पाँव दूर बहुत है गाँव Read More »
मां सरस्वती वंदना और बसंत पंचमी विशेष रचना
वीणा वादिनी नमन आपको प्रणाम है Read More »
वाणी वंदना : माँ वाणी अभिनंदन तेरा माँ वाणी, अभिनंदन तेरा, करती हिय से, वंदन तेरा, दिव्य रूप आँखों में भर लूं, तन हो जाये चंदन मेरा | माँ वाणी, अभिनंदन तेरा | जीवन अपना, अनुशासित हो, परिलक्षित हो, परिभाषित हो, इस पर न हो, तम का डेरा | माँ वाणी, अभिनंदन तेरा | हम
वाणी वंदना : माँ वाणी अभिनंदन तेरा Read More »
गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक
जय गणपति जय पार्वती सुत- गणेश स्तुति Read More »