हिंदी छा जाए दुनिया में – उपमेंद्र सक्सेना

हिंदी छा जाए दुनिया में गीत-उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट जिससे हैं हम जुड़े जन्म से, वही हमारी प्यारी भाषा,हिंदी छा जाए दुनिया में, पूरी हो अपनी अभिलाषा। अपनी भाषा के हित में हम, अपना जीवन करें समर्पितजितनी उन्नति होगी इसकी, उतने ही हम होंगे गर्वित बच्चे हिंदी पढ़ें-लिखें जब, बदले जीवन की परिभाषाहिंदी छा जाए दुनिया … Read more

संवाद पर कविता – सुकमोती चौहान रुचि

संवाद पर कविता तुमसे कर संवाद, सुकूं मन को मिलता है |मधुर लगे हर भाष्य, सुमन मन में खिलता है |कर्णप्रिय हर बात, प्रेरणा देती हरदम | करके जिसको याद, दूर हो जाती है गम ||उत्प्रेरक संवाद सब, नित्य सँजोया तुम करो |कठिन समय में याद कर, सत्य राह नित तुम वरो || करके नित … Read more

माता है अनमोल रतन – बाबूराम सिंह

माता है अनमोल रतन स्वांस-स्वांस में माँहै समाई,सदगुरुओं की माँ गुरूताई।श्रध्दा भाव से करो जतन,माता है अनमोल रतन।। अमृत है माता की वानी, माँ आशीश है सोना -चानी।माँ से बडा़ ना कोई धन, माता है अनमोल रतन।। माँका मान बढा़ओ जग में,सेवा से सब पाओ जग में।मणि माणिक माता कंचन,माता है अनमोल रतन।। सुख शान्ति … Read more

इस वसुधा पर इन्सान वहीं – बाबूराम सिंह

कविता इस वसुधा पर इन्सान वहीं —————————————- धन,वैभव,पदविद्या आदिका जिसको हैअभियाननहीं। सत्य अनुपम शरणागत इस वसुधा पर इन्सान वहीं। सत्य धर्म फैलाने आला, विषय पीकर मुस्काने वाला, अबला अनाथ उठाने वाला, प्यार, स्नेह लुटाने वाला परहित में मर जाने वाला।अपना और परायाका जिसकेउर अंदर भान नहीं। सत्य अनुपम शरणागत इस वसुधा पर इन्सान वहीं। पर … Read more

राम को खेलावत कौशिल्या रानी / बाबूराम सिंह

Jai Sri Ram kavitabahar

राम को खेलावत कौशिल्या रानी / बाबूराम सिंह चैत शुक्ल नवमी को पावन अयोध्या में ,मध्य दिवस प्रगटाये रामचनद्र ज्ञानी।सुन्दर सुकोमल दशरथ नृपति -सुत ,भव्यसुख शान्ति सत्य सिन्धुछवि खानी।जिनके दर्शन हेतु तरसता सर्व देव ,बाल ब्रह्मचारी संत योगी यती ध्यानी।शुचि उत्संग बिच ले के “कवि बाबूराम “श्रीहरि राम को खेलावत कौशिल्या रानी। ललाटे तिलकभाल ग्रीवा … Read more