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📖 कुल 3087 कविताएँ मिलीं
नारी जीवन और संवेदना
ओ नारी- मनीभाई नवरत्न जिन्दगी चले ना, बिन तेरे ओ नारी!उठा ली तूने, सिर अपने ऐसी जिम्मेदारी । मर्दों ने नाहक किये खुद पे ऐतबार…
समाज और यथार्थ
विश्व दूरदर्शन दिवस पर कविता समाज का एक वर्गइतराता नहीं ये कहने से,मूल्यों के विघटन मेंदूरदर्शन का हाथ है ।पर पवित्र ना होदृष्टिकोण तोलगता है…
हिंदी कविता
ये धरा अपनी जन्नत है ये धरा,अपनी जन्नत है।यहाँ प्रेम,शांति,मोहब्बत है। ईश्वर से प्रदत्त , है ये जीवन।बन माली बना दें,भू को उपवन।हमें करना अब…
नारी जीवन और संवेदना
12 मई नर्स दिवस पर विशेष कविता मौत की दहलीज में ,जब कोई हो पड़े-पड़े।खून से लथपथ ,अंग भंग हो के सड़े-सड़े ।अपने तक तरस…
हिंदी कविता
शहीद दिवस विशेष कविता क्या शहीद दिवस मना लेना;इस पर कोई कविता बना लेना;तस्वीर स्मारक में फूल चढ़ा देना;बच्चों को उनके बारे में पढ़ा देना;सच्ची…
हिंदी कविता
गरमी महीना छत्तीसगढ़ कविता किंदर किंदर के आवथें बड़ेर,“धुर्रा-माटी-पैरा-पान” सकेल।खुसर जाय कुरिया कोती अन,लकर-लकर फेरका ल धकेल।हव! आगे ने दिन बिन-बूता पसीना के।ए जम्मो चिन्हा…
हिंदी कविता
शौचालय विशेष छतीसगढ़ी कविता सुधारू केहे-“कस रे मितान!तोला सफई के,नईये कछु भान।तोर आस-पास होवथे गंदगीइही च हावे सब्बो बीमारी के खान।” बुधारू कहे-“मय रेहेंव अनजान।लेवो…
आध्यात्म और भक्ति
हनुमान जंयती “धरव -पकड़व -कुदावव”अउ सब्बो झन तोआवव।चढ़गय बेंदरा रूख म त,ढेला घलव बरसावव।अइसने करम करत हावे,आज के मनखे।मनावत हे “हनुमान जयंती”सीधवा अस बनके।…
समाज और यथार्थ
14 अप्रैल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष कविता
हिंदी कविता
सुधारू बुधारू के गोठ (छत्तीसगढ़ी व्यंग्य) बुधारू ह गांव के गौंटिया के दमाद के भई के बिहाव म जाय बर फटफटी ल पोछत राहे।सुधारू ओही…
हिंदी कविता
गीता एक जीवन धर्म यह कविता भगवद गीता के महत्व और उसके जीवन में अनुपालन के लाभ को दर्शाती है। इसे आगे बढ़ाते हुए प्रस्तुत…
हिंदी कविता
यह कविता गीता के उपदेशों की महत्ता और उसके जीवन में अनुपालन से मिलने वाले सुख और शांति को दर्शाती है। गीता का ज्ञान हमें…
