कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

वतन का नमक

हिंदी कविता

वतन का नमक इस जहां से सुकून,हमने कभी पाया तो हैचमन का कोई गुल,हिस्से मेरे आया तो है लफ़्ज मेरे लड़खड़ाये,सामने तूफां पाकरफिर भी तरन्नुम में , गीत कोई गाया तो हैतख़्त पर बैठे हमने,तपन के दिन बितायेजरा-सा प्रेम का,बादल कभी छाया तो है मंजिलों रोज ही बनते,गमों के आशियानेदरकते खण्डहरों को,हमनेभी ढाया तो हैइस […]

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ओ मोरे घनश्याम साँवरे

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ओ मोरे घनश्याम साँवरे ओ मोरे घनश्याम साँवरेओ मोरे घनश्याम साँवरेबिन दर्शन हम हो गए बावरेबिन दर्शन हम हो गए बावरेमोरे घनश्याम ओ मोरे श्यामओ मेरे….दूखन लागे हमरे नैनातुम बिन कान्हा अब नहीं चैनादिन गुज़रे न कटती रैनासुबह से हो गई अब तो शाम रेओ मोरे…..गलियन गलियन ढूँढत आईओ मोरे मोहन रट है लगाईबेचैनी तुमने

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सूनापन पर गीत

हिंदी कविता

सूनापन पर गीत आजाओ न तुम बिन सूना सूना लगता हैन जाओ न तुम बिन सूना सूना लगता हैजिसकी डाली पे हम दोनों झूला करते थेवो झूला वो बरगद सूना सूना लगता हैदिन में तुम्हारा साथ रात में ख़्वाब होते थेबिना तुम्हारे सावन सूना सूना लगता हैजिन आँखों में सदा तुम्हारा अक्स समाया थाउन आँखों

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मोहब्बत पर गीत

मन और भावनाएँ

मोहब्बत पर गीत मोहब्बत जन्म से कुदरत के कण कण में समाई है।मोहब्बत  पीर  पैगम्बर  सूफियों  की  बनाई  है।।कोई  शक्ति  मिटा  पायी  नहीं जड़ से मोहब्बत को,मोहब्बत  देवताओं  से  अमर  वरदान  पाई  है।।        मोहब्बत बहनों की राखी भाइयों की कलाई है।       मोहब्बत बाप के आँगन से बेटी की विदाई है।।       मोहब्बत आमिना मरियम यशोदा

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हम कहाँ गुम हो गये

हिंदी कविता

हम कहाँ गुम हो गये हम कहाँ गुम हो गयेमोह पाश में हम बंधे,नयनों मे ऐसे खो गये।रही नहीं हमको खबर,हम कहाँ गुम हो गये।।इंद्र धनुष था आँखों में,रंगीन सपनों में खो गये।प्रेम की मूक भाषा में,हम कहाँ गुम हो गये।।कशिश उनमें थी ऐसी,बेबस हम तो हो  गये।कुछ रहा ना भान हमें,हम कहाँ गुम हो

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नज़र की नज़र से

हिंदी कविता

नज़र की नज़र से नज़र की नज़र से मुलाक़ात होगीहज़ारों सवालों की बरसात होगीबयाँ हर सबब हिज़्र का वो करेंगेकि हर बेगुनाही की इस्बात होगीसर-ए-राह हमसे जताना न उल्फ़तगिरेंगे जो आँसू तो आफात होगीनज़र फ़ेर ली तुमसे हमने कहीं जोअदब पर ख़ताओं की शह-मात होगीअगर दिल की राहें जुदा हो गईं तोख़लिश सी कहीं दिल

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वीर जवान पर कविता

हिंदी कविता, ,

23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है और भारत में मनाया जाता है। इस दिन 1931 को तीन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। महात्मा गांधी की स्मृति में। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गांधी की हत्या कर दी गयी थी। महात्मा गांधी के सम्मान में

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गीत नवगीत लिखें

प्रकृति और पर्यावरण

गीत नवगीत लिखें ग़ज़ल रुबाई या फिर कविता, भले गीत नवगीत लिखें। मन के भाव पिरोते जायें, जैसा करें प्रतीत लिखें। देख बदलते अंबर के रँग, काव्य तूलिका सदा चले।छाया से सागर रँग बदले, लहरें तट से मिलें गले।लाल गुलाबी श्वेत श्याम या, नीला धानी पीत लिखें।ग़ज़ल रुबाई या फिर कविता, भले गीत नवगीत लिखें।

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अंतरात्मा पर कविता

हिंदी कविता

अंतरात्मा पर कविता मेरा संबंध तुमसेअंतरात्मा का है।हाँ बाहृा जगत मेंहम पृथक ही सही,न दिखे ये रिश्ताजग में कहींमन का जुड़ावमन से तो है ।मेरा संबंध तुमनेअंतरात्मा का है।भू से अंबर तकहर जगह तुममेरी नजरों में हो।मेरी हर धडकन में तुमजैसे हवा का संचार,सांसो के लिये है,जल का सिंचन,जीवन के लिये है।वैसे ही एक से

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सरस्वती वन्दना

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सरस्वती वन्दना विनती करता हूँ शारदे माता,विद्या का हमको वरदान दे  दे।हम झुके तेरे चरणों में निशदिन,तेरा आसरा हम सबको दे दे।विनती———हर वाणी में सरगम है तेरा ,तू हमें स्वर का राग सिखा दे।हर गीत बन जाए धड़कन,नृत्य पे सुर लय ताल मिला दे।मन की वीणा के तार बजाकर, सुरमय संगीत हमारा कर दे।विनती——— ।हम

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मेरी तीन माताएँ

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। मेरी तीन माताएँ नौ मास तक जिसने ओद्र में रखकर,,हमें इस संसार में लायी।अपनी स्तन का अमृत पिलाकर,,इस जग

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ओ तरु तात सुन ले

हिंदी कविता

ओ तरु तात सुन ले ओ!तरु तात!सुन लेमेरी वयस और तेरी वयस का अंतर चिह्न लेमैं नव अंकुर,भू से तकतातेरे साये में पलतातू समूल धरा के गर्भ में जम चुका। माना ,तेरी शाखा छूती जलद कोमधुर स्पर्श से पय-नीर पान करतीपर जिस दिन फैलेगी मेरी शाखाएँघनों को पार कर पहुँचेगी अनंत तकऔर चुनेगी स्वर्णिम दीप-तारक।

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