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नमन आपको बापू नमन हैैं बारम्बार
परिवार की शान होती है बेटियां
मोम की गुड़िया-बेटियां
सरस्वती -वन्दना
जिन्दगी पर कविता
यादों के झरोखे से
प्रभात हो गया
दोहा पंचक
ये है मेरा वतन
हे मां शारदे रोशनी दे ज्ञान की
बापू जी तुम्हें नही भूले
देखो न मुझे बुखार है
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