कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

जन-गण-मन (राष्ट्र-गान ) रवीन्द्रनाथ टैगोर

हिंदी कविता

जन-गण-मन (राष्ट्र-गान ) रवीन्द्रनाथ टैगोर जन-गण मन अधिनायक जय हे!भारत भाग्य विधाता ।पंजाब सिन्ध गुजरात मराठाद्राविड़ उत्कल बंग ।विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा,उत्कल-जलधि तरंग ।तव शुभ नामे जागे,तव शुभ आशिष माँगे ।गाहे तव जय गाथा । जन गण मंगल दायक जय हे!भारत भाग्य विधाता,जय हे! जय हे! जय हे!जय जय जय जय हे !अहरह तव आह्वान […]

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राष्ट्र भाषा हिन्दी – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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सिरपुर की कविता

हिंदी कविता,

27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। विद्यालय में इस दिन पर्यटन का महत्व बताते हुए प्रान्त तथा देश के पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी करानी चाहिए। पर्यटन के विभिन्न साधनों से अवगत कराते हुए सड़क मार्ग तथा रेलमार्गों के नक्शे लगाकर महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुँचने का मार्ग तथा समय, व्यय आदि भी

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हमारे देश में आना ( विश्व पर्यटन दिवस पर कविता )

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। विद्यालय में इस दिन पर्यटन का महत्व बताते हुए प्रान्त तथा देश के पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी करानी चाहिए। पर्यटन के विभिन्न साधनों से अवगत कराते हुए सड़क मार्ग तथा रेलमार्गों के नक्शे लगाकर महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुँचने का मार्ग तथा समय, व्यय आदि भी

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हिंदी हमारी आन है आचार्य गोपाल जी

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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चलो हिंदी को दिलाएं उसका सम्मान(CHALO HINDI KO DILAYE USKA SAMMAN)

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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हिंदी बोलो

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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हिंदी का सम्मान करे सब

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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भाषाओं के अतिक्रमण

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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hindi divas

भारतीय संघ की राजभाषा हिन्दी की महत्ता (चौपाई)

हिंदी कविता

हिन्दी की महत्ता : हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। हिन्दी की महत्ता (चौपाई) भारत मात भाल पर बिन्दी।भाषा भूषण रानी हिन्दी।।हिन्द देश हर हिन्दुस्तानी।चाहत बोले हिन्द जुबानी।।१ जन्म देव

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