कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

भूख की कविताएँ -रमेश कुमार सोनी

हिंदी कविता

खाना खाने की इच्छा होने पर भूख लगती है। तृप्ति भूख का अभाव है। भूख की अनुभूति हाइपोथैलेमस से शुरू होती है जब यह हार्मोन जारी करता है। यह हार्मोन लीवर के रिसेप्टर के साथ प्रतिक्रिया करता है। हालाँकि एक सामान्य व्यक्ति भोजन के बिना कई हफ्तों तक जीवित रह सकता है। भोजन के कुछ […]

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हाइकु

वीणा के हाइकु

नारी जीवन और संवेदना

वीणा के हाइकु 1-कृष्णमुरारीबालभद्र,सुभद्रारथ सवारी।2-हरितालिकापति की लम्बी आयुपत्नी निर्जला।3-स्वयं विश्वासमिलेगी सफलतामंजिल पास।4-लाल गुब्बाराबालक खेल रहाबम धमाका।5-मणिकर्णिकाअंतरिक्ष पे बैठीहिन्द की नारी।          *सविता बरई “वीणा”सीतापुर, सरगुजा,(छ.ग.)

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केवरा यदु मीरा की कविता

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कृष्ण के भजन सुन कान्हा मेरी यादतुमको आती तो होगी।ओ पूनम की रात तुम्हेंरुलाती तो होगी ।सुन कान्हा—– तान छेड़ बंशी कीतुम मुझे बुलाये थे।बाहों में बाँहे डालेतुम रास रचाये थे।वो पायल की रुन झुनतुम्हें बुलाती तो होगी ।सुन कान्हा मेरी यादतुमको आती तो होगी ।। बैठ कदंब के छाँवतुम बंशी बजाते थे।राधे राधे की

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virah viyog bewafa sad women

प्रियतम पर कविता

हिंदी कविता

प्रियतम कितने प्यारे हो प्रियतम कितने प्यारे हो,मेरी आँखों से पूछो।पढ़ लो इन अँखियों में बस एक नजर देखो।बसे हो श्वांस श्वांस में न बिछुडे जन्मसात में,आरजू है मेरी ,रखें निज हाथ,हाथ में। है नेह तुमसे कितना , कैसे तुम्हें बताऊँ ।धड़कन में तुम बसे, दिल चीर कर दिखाऊँ।मेंहदी से रचो हाथ मे,बिंदी से सजो

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moon

चाँद पर कविता

हिंदी कविता

चाँद, पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है, जो रात के आकाश में एक चमकदार और मोहक वस्तु के रूप में चमकता है। इसकी सतह पर बहुत सारे गड्ढे, पर्वत और समतल क्षेत्र हैं, जो इसे एक अद्वितीय और सुंदर दृश्य प्रदान करते हैं। चाँद की उपस्थिति पर विभिन्न संस्कृतियों में गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ

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सरसी छंद में कैसे लिखें

हिंदी कविता

सरसी छंद को समझने से पहले आइए हम छंद विधान को समझते हैं । अक्षरों की संख्या और क्रम , मात्रा, गणना और यति गति से संबंद्ध विशिष्ट नियमों से नियोजित पद्य रचना को छंद की संज्ञा दी गई है। मात्रिक छंद की परिभाषा छंद के भेद में ऐसा छंद जो मात्रा की गणना पर

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कलम पर कवितायें

हिंदी कविता

हाय! कलम क्यों थककर बैठी? ध्येय अधूरा है फिर भी तुम, कैसे करती हो विश्राम?हाय! कलम क्यों थककर बैठी? भूल गई क्या अपना काम? नहीं मरी भूखमरी भू की, विपन्नता भी हुई न दूर।शिक्षा से वंचित हैं बच्चे, धन अर्जन को हैं मजबूर।।रहें अभावों में जीते सब, संसाधन भी हुए अनाम।हाय! कलम क्यों थककर बैठी?

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वर्तमान परिस्थितियों पर कविता

हिंदी कविता

हो रहा कटु द्वेष का आयात है अब न जीवन में रही वह बात है,दिन नहीं उजला न उजली रात है। क्या कहें सम्बन्ध के सम्बन्ध में,यह परस्पर स्वार्थ का अनुपात है। दीप बुझने हैं लगे जनतंत्र के,देश में दुर्दम्य झंझावात है। शांति का संदेश देने के लिए,वह कराने लग गया उत्पात है। जागरण है

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हिन्दी वर्णमाला पर कविता

हिंदी कविता

 हिन्दी वर्णमाला विचार अ से अनार , का फल है ताजा ।आ से आम , फलों में राजा । इ से इमली , वो खट्टी-खट्टी ।ई से ई ईख , वो उतनी ही मीठी । उ से उल्लू , रात को आए ।ऊ से ऊन का, ठंड में भाए । ऋ से ऋषि है ,

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इसरो चन्द्रयान पर कविता

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

इसरो चन्द्रयान पर कविता : भारत की चन्द्रक्रान्ति में इसरो के अंतरिक्ष में बढ़ते कदमों पर हर इसरोजन को नमन और एक भारतीय के रूप में गौरव के पल है . नमन तुम्हें है इसरोजन देश गर्व से देख रहा है,आज चमकते चांद की ओर ।दुनिया में अपना नाम बना हैं ,छूकर इसका तलीय छोर।

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किसान खेत जोतते हुए

सावन पर कविता

प्रकृति और पर्यावरण

सावन-सुरंगा सरस-सपन-सावन सरसाया ।तन-मन उमंग और आनंद छाया ।‘अवनि ‘ ने ओढ़ी हरियाली ,‘नभ’ रिमझिम वर्षा ले आया । पुरवाई की शीतल ठंडक ,सूर्यताप की तेजी, मंदक । पवन सरसती सुर में गाती ,सुर-सावन-मल्हार सुनाती । बागों में बहारों का मेला ,पतझड़ बाद मौसम अलबेला । ‘शिव-भोले’ की भक्ति भूषित ,कावड़ यात्रा चली प्रफुल्लित ।

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निर्लज्ज कामदेव

हिंदी कविता

निर्लज्ज कामदेव   ओ निर्लज्ज कामदेवतू न अवसर देखता है,न परिस्थितियाँन जाति देखता है, न आयुन सामाजिक स्तरयहाँ तक कि, कभी कभीतो रिश्ता भी नहीं देखतादेशों की सीमाएं ,तेरे लियेकोई मायने नहीं रखतीं. तेरे कारण हीन जाने कितने घर टूटेआज भी टूट रहे हैं,न जाने कितनी हत्याएं हुईंआज भी हो रही हैंकितने कारागार भर गयेनये कारागार

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