@आश्विन शुक्ल दशमी दशहरा पर हिंदी कविता

आश्विन शुक्ल दशमी दशहरा : दशहरा  हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है

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रावण दहन पर कविता

रावण दहन पर कविता लगा हुआ है दशहरे का मेलाखचाखच भरा पड़ा मैदान हैचल रही है अद्भुत रामलीलाजुटा पड़ा सकल जहान है धनुष बाण लिए श्रीराम खड़ेसामने खड़ा शैतान हैहोने वाला है रावण दहनजयकारों से गूँज रहा आसमान है अंत में हारती बुराईरावण दहन प्रमाण हैसच्चाई की जीत हुई हमेशासमय बड़ा बलवान है लीजिए असंख्य …

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अब तो मन का रावण मारें(१६ मात्रिक गीत)

अब तो मन का रावण मारें (१६ मात्रिक गीत) बहुत जलाए पुतले मिलकर,अब तो मन का रावण मारे। जन्म लिये तब लगे राम से,खेले कृष्ण कन्हैया लगते।जल्दी ही वे लाड़ गये सब,विद्यालय में पढ़ने भगते।मिल के पढ़ते पाठ विहँसते,खेले भी हम साँझ सकारे।मन का मैं अब लगा सताने,अब तो मन का रावण मारें। होते युवा …

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विजय पर्व दशहरा

विजय पर्व दशहरा राम समन्दर सेतु हित, कपि गण नल हनुमंत।सतत किए श्रम साधना, कृपा दृष्टि सियकंत।। किए सिन्धु तट स्थापना, पूजे सहित विधान।रामेश्वर शुभ रूप शिव, जगत रहा पहचान।। सैन्य चढ़ी गढ़ लंक पर, दल ले भालु कपीश।मरे दनुज बहु वीर भट, सजग राम जगदीश।। कुम्भकर्ण घननाद से, मरे दनुज दल वीर।राक्षसकुल का वह …

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दशहरा पर कविता

दशहरा पर कविता राम रावणको मार,धर्मका किये प्रचार,बढ़ गया सत्य सार ,यही है दशहरा। देव फूल बरसायें ,जगत सारा हर्षाये,गगन-भू सुख पाये,यही है दशहरा। खुशहुये भक्तजन,कहेसभी धन्य-धन्य,होइ के महा मगन ,यहीं है दशहरा। सुनो मेरे प्यारे भाई ,बुराई पर अच्छाई,जाता जब जीत पाई ,यहीं है दशहरा। छल-कपट टारदो,जन-जनको प्यार दो,अवगुण सुधार लो , यहीं है …

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आश्विन शुक्ल दशमी दशहरा Ashwin Shukla Dashami Dussehra

मनहरण घनाक्षरी -दशहरा

मनहरण घनाक्षरी -दशहरा नवरात्रि अतिकान्त,दैत्यगण भयाक्रांत,तिथि विजयदशमी,सब को गिनाइए। राम जैसे मर्यादित,रहो सखे शांतचित,धीर वीर देश हित,गुण अपनाइए। यथा राम शक्ति धार,दोष द्वेष गर्व मार,तिया के सम्मान हेतु,पर्व को मनाइए। आसुरी प्रतीक मान,सनातनी रीति ज्ञान,दानवी बुराई रूप,रावण जलाइए। बाबू लाल शर्मा, बौहरा, विज्ञसिकन्दरा, दौसा, राजस्थान

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दशहरा पर कविता-शैलेन्द्र कुमार चेलक

दशहरा पर कविता जैसे नया वर्ष आते ही ,लोग मन ही मन संकल्प लेते हैं ,आत्म आंकलन कर ,सच का विकल्प लेते हैं ,बुराइयों को छोड़ ,अच्छाईयों को अपनाएंगे ,गौतम -गांधी की तरह ,हम भी अच्छे बन पायेंगे ,वैसे ही कोई हिन्दू दशहरा के दिन रावण दहन के बाद ,और कोई मुस्लिम ईद पर नमाज़ के बाद …

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