~हरिगीतिका छंद

जिंदगी पर हरिगितिका छंद

Submit : 16 Sep 2022, 10:56 AMEmail : [email protected] रचनाकार का नामदूजराम साहू अनन्य सम्पर्क नम्बर8085334535 रचना के शीर्षकजीनगी रचना के विधाहरिगितिका छंद रचना के विषयजिनगी रचनाहरिगितिका छंद ये जिंदगी फोकट गवाँ झन , बिरथा नहीं जान दे ।आँखी अभी मा खोल तयँ हा, आघू डहर ध्यान दे ।तन फूलका पानी सही हे , बनय …

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atal bihari bajpeyi

अटल बिहारी वाजपेई के लिए कविता

अटल बिहारी वाजपेई के लिए कविता हरिगीतिका छंद. (मापनी मुक्त १६,१२). अटल – सपूत श्री अटल भारत भू मनुज,हीशान सत अरमान है।जन जन हृदय सम्राट बन कवि,ध्रुव बने असमान है।नहीं भूल इनको पाएगा,देश का अभिमान है।नव जन्म भारत वतन धारण,या हुआ अवसान है।.हर भारत का भरत नयन भर,अटल की कविता गात है।हार न मानूं रार …

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hindi vividh chhand || हिन्दी विविध छंद

हे शारदा तुलजा भवानी (सरस्वती-वंदना)

हे शारदा तुलजा भवानी (सरस्वती-वंदना) तमसो मा ज्योतिर्गमय* हरिगीतिका हे शारदा तुलजा भवानी, ज्ञान कारक कीजिये।…अज्ञानता के तम हरो माँ, भान दिनकर दीजिये।… है प्रार्थना नवदीप लेकर, चल पड़े जिस राह में।सम्मान पग चूमें पथिक के, हर खुशी हो बाँह में।।उत्तुंग पथ में डाल डेरा, नभ क्षितिज की चाह में।मन कामना मोती चमकते, चल चुनें …

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