hindi sangrah rachna || हिंदी संग्रह रचना

जयी बनो – जयशंकर प्रसाद

कविता बहार में आप का सवागत है आज हम जयशंकर प्रसाद की एक कविता जाई बनो इसके बारे में यह पढेंगे ,आसा है यह कविता आप आत्यन्त पसंद आयेगी जयी बनो-जयशंकर प्रसाद हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारतीस्वयं प्रभा समुज्वला स्वतंत्रता पुकारती। अमर्त्य वीर पुत्र हो दृढ़ प्रतिज्ञ सोच लो,प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े …

जयी बनो – जयशंकर प्रसाद Read More »