#रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’

यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर0रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर

नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर त्याग और अहिंसा की मूर्ति है महावीर।क्षमा और करूणा का सागर है महावीर।दर्शन ज्ञान चरित्र की ज्योति है महावीर।‘रिखब’का नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर!राजा सिद्धारथ के घर जन्में,माता जिसकी त्रिशला रानी।तीर्थंकर प्रभु की याद दिलाने,आई प्यारी महावीर जयन्ति।चैत्रशुक्ल दिन त्रयोदशी आया,कुण्डलपुर नगरी अानंद छाया।दिव्य स्वरूप धरती पर आया,जन्मदिवस का उत्सव मनाया।राजमहल में …

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मंजिल लक्ष्य

मंज़िल पर कविता

मंज़िल पर कविता   सूर्य की मंज़िल अस्ताचल तक,तारों की मंज़िल सूर्योदय तक।नदियों की मंज़िल समुद्र तक,पक्षी की मंज़िल क्षितिज तक। अचल की मंज़िल शिखर तक,पादप की मंज़िल फुनगी तक।कोंपल की मंज़िल कुसुम तक,शलाका की मंज़िल लक्ष्य तक। तपस्वी की मंज़िल मोक्ष तक,नाविक की मंज़िल पुलिन तक।श्रम की मंज़िल सफलता तक,पथिक की मंज़िल गंतव्य तक। …

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चैत्र कृष्ण एकम होली धुलेंड़ी वसंतोत्सव Chaitra Krishna Ekam Holi Dhulendi Vasantotsav

रंगो का त्योहार होली – रिखब चन्द राँका

रंगो का त्योहार होली – रिखब चन्द राँका होली पर्व रंगों का त्योहार,पिचकारी पानी की फुहार।अबीर गुलाल गली बाजार,मस्तानो की टोली घर द्वार। हिरण्यकश्यप का अभिमान,होलिका अग्नि दहन कुर्बान।प्रहलाद की प्रभु भक्ति महान,श्रद्धा व विश्वास का सम्मान। अग्नि देव का आदर सत्कार,वायु देव का असीम उपकार।लाल चुनरिया भी  चमकदार,प्रह्लाद को भक्ति का पुरस्कार। मस्तानों की …

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वो स्काउट कैम्प है मेरा - कविता बहार - हिंदी कविता संग्रह

वो स्काउट कैम्प है मेरा

वो स्काउट कैम्प है मेरा जहाँ प्रकृति की सुंदर गोदी में स्काउट करता है बसेरावो स्काउट कैम्प है मेराजहाँ सत्य सेवा और निष्ठा का हर पल लगता है फेरावो स्काउट कैम्प है मेरायह धरती जहाँं रोज फहरता,नीला झण्डा हमाराजहाँ जंगल में मंगल करता है,स्काउट वीर हमाराजहाँ शिविर संचालक सबसे पहले डाले तम्बू डेरावो स्काउट कैम्प …

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जीवन की डगर

जीवन की डगर कुछ तुम चलो,कुछ हम चलें,जीवन की डगर पर साथ चले।लक्ष्य को पाना है एक दिन,निशदिन समय के साथ चलें।सुख दु:ख के हम सब साथी,अपनत्व प्यार बाँटते चलें।अटल विश्वास हमारा मन में,मंज़िल की ओर हम बढ़ चलें।हिम्मत,परिश्रम और लगन से,अनेक बाधाओं के पार चलें।मोह माया के इस भँवर जाल से,भक्ति की नैया से …

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काली कोयल

काली कोयल कोयल सुन्दर काली -काली,हरियाले बागों की मतवाली।कुहू-कूहू करती डाली-डाली,आमों के बागों मिसरी घोली। ‘चिड़ियों की रानी’ कहलाती,पंचमसुर में तुम राग सुनाती।हर मानव के कानों को भाती,मीठी बोली से मिठास भरती। मौसम बसंत बहुत सुहाना,काली कोयल गाती तराना।रूप तुम्हारा प्यारा सयाना,जंगलवासी का मन हरना। कोकिला, कोयल, वनप्रिया,बसंतदूत,सारिका नाम पाया।पेड़ों के पत्तों में छिप जाया,मीठी …

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ऋतुराज बसंत

ऋतुराज बसंत ऋतुराज बसंत प्यारी-सी आई,पीले पीले फूलों की बहार छाई।प्रकृति में मनोरम सुंदरता आई,हर जीव जगत के मन को भाई। वसुंधरा ने ओढ़ी पीली चुनरिया,मदन उत्सव की मंगल बधाइयाँ ।आँगन रंगोली घर द्वार सजाया,शहनाई ढ़ोल संग मृदंग बजाया । बसंत पंचमी का उत्सव मनाया,माँ शारदे को पुष्पहार पहनाया।पुष्प दीप से पूजा थाल सजाया,माँ की …

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हिन्दी की बिंदी में शान

हिन्दी की बिंदी में शान हिन्दी भाषा की बिंदी  में शान।तिरंगे के गौरव गाथा की आन।।राजभाषा का ये पाती सम्मान।राष्ट्रभाषा से मेरा भारत महान ।। संस्कृत के मस्तक पर चमके।सिंधी,पंजाबी चुनरी में दमके।।बांग्ला,कोंकणी संग में थिरके।राजस्थानी चूड़ियों में खनके ।। लिपि देवनागरी रखती ध्यान।स्वर व्यंजन में है इसकी शान।।मात्राओं का हमें कराती ज्ञान।शब्द भंडार है …

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सरस्वती वन्दना

सरस्वती वन्दना विनती करता हूँ शारदे माता,विद्या का हमको वरदान दे  दे।हम झुके तेरे चरणों में निशदिन,तेरा आसरा हम सबको दे दे।विनती———हर वाणी में सरगम है तेरा ,तू हमें स्वर का राग सिखा दे।हर गीत बन जाए धड़कन,नृत्य पे सुर लय ताल मिला दे।मन की वीणा के तार बजाकर, सुरमय संगीत हमारा कर दे।विनती——— ।हम …

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