November 2020

भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन

समाज और यथार्थ

भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन कार्तिक मास शुक्ल सप्तमी को हुआ सहस्त्रबाहु का अवतरण।राजराजेश्वर,कार्तवीर्य,सहस्त्रार्जुन नाम,दशानन आया शरण।महाराज हैहय की दसवीं पीढ़ी में माता पद्मिनी के थे संतान।सुदशेन,चक्रावतार,सप्तद्रवीपाधि,दशग्रीविजयी थे कृतवीर्यनन्दन।1।चंद्रवंशी महाराजा कृतवीर्य के थे परमवीर चक्रवर्ती एकमात्र संतान।दत्तात्रेय से हजार हाथ का वरदान ले मिला सहस्त्रबाहु अर्जुन नाम।विष्णु के 24वें अवतार,है भागवतकथा में इनका वर्णन।लंकापति रावण को हराया,मिला […]

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हरे यादों के पन्ने-सुकमोती चौहान “रुचि”

हिंदी कविता

हरे यादों के पन्ने किया याद है कौन , हिचकियाँ मुझको आई ।गुजरे अरसे बाद , कसक हिचकोले खाई ।जिल्द पुराने झाड़ , हरे यादों के पन्ने ।अधर खिला मुस्कान , नेत्र जल मीठे गन्ने ।कुछ यादें जीवन के अमर , अनायास ही उभरते ।निराकार अव्यक्त ये , मानस पट पर विचरते । आया बचपन

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प्रेम का अनुप्रास बाकी

हिंदी कविता

प्रेम का अनुप्रास बाकी आर आर साहू, छत्तीसगढ़: ” प्रेम का अनुप्रास बाकी “ सत्य कहने और सुनने की कहाँ है प्यास बाकी।क्या विवशता को कहेंगे,है अभी विश्वास बाकी। आस्थाओं,धारणाओं,मान्यताओं को परख लो,रह गई संवेदना की आज कितनी साँस बाकी। दृष्टिहीनों को तमस् का बोध कैसे हो सकेगा,है नहीं जिनके दृगों में ज्योति का उल्लास

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कहानी कैसे लिखें

मन और भावनाएँ

कहानी, हिन्दी में गद्य लेखन की एक विधा है। उन्नीसवीं सदी में गद्य में इस नई विधा का विकास हुआ .कहानी कैसे लिखें यहाँ इस बात की जानकारी दी जा रही है

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लघुकथा कैसे लिखें

समाज और यथार्थ

लघुकथा कैसे लिखें लघुकथा-विधा हिन्दी गद्य साहित्य की ऐसी विधा है, जिसमें कम से कम शब्दों में एक गहरी बात कहना होता है जिसको पढ़ते ही झटके से पाठक मन चिंतन के लिए उद्वेलित हो जाये। राजनैतिक, सामाजिक व पारिवारिक परिवेश में सूक्ष्म से सूक्ष्म विसंगतिपूर्ण मानसिकता को चिंहित कर वास्तविकता के धरातल पर तर्कसंगत

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चतुष्पदी (मुक्तक) क्या है ? इसके लक्षण व उदाहरण

हिंदी कविता

चतुष्पदी (मुक्तक) क्या है ? इसके लक्षण व उदाहरण चतुष्पदी (मुक्तक)— समान मात्राभार और समान लय वाली रचना को चतुष्पदी (मुक्तक) कहा गया है । चतुष्पदी में पहला, दूसरा और चौथा पद तुकान्त तथा तीसरा पद अतुकान्त होता है और जिसकी अभिव्यक्ति का केंद्र अंतिम दो पंक्तियों में होता है ! यूं कह सकते हैं

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स्वास्थ्य जीवन है- मनीभाई नवरत्न

समाज और यथार्थ,

यह कविता 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना पर विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष ध्यान देकर रचित की गई है।

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ये प्लास्टिक अमर है(ye plastic amar hai)

प्रकृति और पर्यावरण,

ये प्लास्टिक अमर है(ye plastic amar hai) ये प्लास्टिक अमर है धरा के लिये जहर है। बन रहा है अब खतरा ,प्रकृति पर ये कहर है। करता है जल प्रदुषितजल रसायन उत्सर्जितहोता है बड़ा जहरीलाअब उत्पादन हो वर्जित जब पेट्रोलियम खपता हैतब जाकर यह बनता है।कभी नहीं यह सड़ता हैभूमि को बंजर करता है ।

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भाई के कलाई में बांधने को प्यार से रक्षाबंधन (RAKSHYABANDHAN PAR KAVITA)

हिंदी कविता

रक्षा बन्धन एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं। यह ‘रक्षासूत्र’ मात्र धागे का एक टुकड़ा नहीं होता है, बल्कि इसकी महिमा अपरम्पार होती है। कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने सांसारिक संकटों से मुक्ति के लिये भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो कृष्ण

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माता पिता पर रचना

हिंदी कविता

माता पिता पर रचना ‌जिनकी वजह से खडे हो।आज सोचते ‍‌‌‌‌‌‍‍‌‌‌ हो उनसे बड़े हो।। आज रुकते नहीं है ये आंसू।छोटी सी बात लेकर लड़े हो।। गलतियां तूने की थी हजारों ।पूछा एक बार ना क्यों अडे़ हो।। जानते हो वो पूजन के लायक ।पूछते हो, क्यों बिस्तर पड़े हो।। चोट ऐसी ना सह पयोगे

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मनीभाई की भावनाएं

प्रकृति और पर्यावरण

मनीभाई की भावनाएं ●●●●●●●●●●●●हर जगह चुनौतियाँ हैं, क्यूँ ना चुनौतियों से वास्ता करें।ये तो गलत है कि खानाबदोश की तरह हम रास्ता करें।विरोध करें ,कभी विरोध सहें; ये सांसारिक नियति है ।मतभेद होने से रूठके चले जाना ,नहीं कवि प्रकृति है। मनीभाई

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आज के दिन जन्म लिया महान बैट्समैन

हिंदी कविता,

आज के दिन जन्म लिया महान बैट्समैन आज के दिन जन्म लिया महान बैट्समैन।नाम जिसका सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन।।“द डॉन”के नाम से मशहूर वो आस्ट्रेलियन ।कम उम्र में बन गया वह क्रिकेटर महानतम।।दायां हाथ की बल्लेबाजी, गेंदबाजी लेग ब्रेक।तनहाई पसंद इंसान थे वे ,व्यवहार थी नेक।।सप्त सहस्त्र रन सौ की औसत ,पलट देते गेम ।शामिल

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