सुमन! अल्प मधुर तेरा जीवन
हिंदी कवितासुमन! अल्प मधुर तेरा जीवन सुमन! अल्प मधुर तेरा जीवन।याद रहेगा इस जग को,कण-कण घुलना सौरभ बन-बन। कितने अलियों ने अभिसिक्त किया,मधुर समीरण सहलाया दुलराया।देकर मिलता है जग में,मरकर अमरता का ये अभिनन्दन। मुझको ये जग विस्मृत कर देगा,मिट जाएगा मेरा नाम।नहीं दे पाई में इस जग को,सुमन- सुतन का तुझसा दान। देना चाहूं इस […]
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