नव दीप / जानसी पटेल
समाज और यथार्थयहाँ पर “नव दीप जले हर मन में” शीर्षक से जानसी पटेल की एक कविता प्रस्तुत की जा रही है: नव दीप / जानसी पटेल रचयिता: जानसी पटेल नव दीप जले हर मन में,नव ज्योति बहे हर जीवन में। अंधकार हटे हर कोने से,प्रकाश फैले इस सृष्टि में। सपने संजोए आँखों में,संकल्प हो सजीव मन
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