चली चली रे रेलगाड़ी
हिंदी कविताचली चली रे रेलगाड़ी छुक छुक छुक छुक छुक छुक छुक छुक झटपट बना ली गाड़ी चली चली रे देखो चली रेलगाड़ी रेलगाड़ी देखो बच्चों की निकली सवारी देखो बच्चों की निकली सवारी लपेट लपेट ऐसा मोड़ा दोनों पल्लू साथ में जोड़ा देखो रस्सी बन गई साड़ी चली चली रे देखो चली रेलगाड़ी रेलगाड़ी देखो […]
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