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देख रहा हूँ कल – मनीभाई नवरत्न
ननपन के सुरता (छत्तीसगढ़ी कविता)
छत्तीसगढ़ी गीत : हमर देश के हमर राज
ये मजहब क्यों है – एकता दिवश पर कविता
जब मैं तनहा रहता हूँ
गुरु की महिमा – एन्०पी०विश्वकर्मा
धनवन्तरि भगवान पर कविता
श्रीगणेश करते कृपा
शिक्षक जग विख्यात है करे राष्ट्र निर्माण
जब तक तन में प्रान
भेदभाव को छोड़कर धर अपनों का हाथ
हिम्मत रख
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