यह समय है सोच का-मधुसिंघी
समय और जीवन दर्शनयह समय है सोच का भाग रहा मानव से मानव , डर समाया मौत का।कोरोना वायरस ले आया , एक साया खौफ का।।मनु पड़ गया उलझन में , कैसे बचूँ इस विपदा से।भीड़ में हुआ अकेला , विश्वास नहीं है और का।। प्रकृति पर हो गया हावी , सोचा यह तो मुट्ठी में।चाँद पर घूम […]
यह समय है सोच का-मधुसिंघी Read More »

