कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

ढोंगी पर कविता – सतीश बब्बा

हिंदी कविता

ढोंगी पर कविता चलती रेल में एक पंडित,सफाचट मूँछें लम्बी चूँदी,देखता विरल नयनों से,बैठ सीट में आँखें मूँदी ! एक अधेड़ यात्री का,हाथ खोलकर लगा बताने,उसके बीते पलों की कहानी,जो उसके लिए थे अनजाने! अब भविष्य की बारी आई,रेल दुर्घटना की बात बताई,कुछ उपायों से बच सकते हो,रुपयों से की भरपाई ! चला गया फिर

ढोंगी पर कविता – सतीश बब्बा Read More »

mahapurush

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान

हिंदी कविता

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान *कलम तू बोल जय उनकी,* *जो भारत मां के प्यारे हैं।**वो सूरज हैं वो चंदा हैं,* *वो बलिदानी सितारे हैं।।*ये मिट्टी की ही खुशबू थी, उसी की थी वो मद मस्ती।उतारूं आज मैं कर्जा, लगी तब जिंदगी सस्ती।।उठाया भाल भारत का, स्वयं के शीश तारे हैं… पिलाया

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान Read More »

हाइकु

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 2

नारी जीवन और संवेदना

हाइकु अर्द्धशतक ५१/ बिखरे पुष्पबंसत सुगंधितभ्रमर गीत। ५२/ कबूलफूल हो चाहे धुलप्यार है मूल। ५३/ प्यार जीवनमिट्टी की दुनिया मेंबाकी कफन। ५४/ पत्थर दिलपिघलता प्यार सेनहीं मुश्किल।  ५५/ मुड़ा भास्करउत्तरायण गति हुई संक्रांति। ५६/ उत्तरायणीहो चला दिनकरराशि मकर।   ५७/ किया तर्पणभगीरथ गंगा सेसंक्रांति दिन। ५८/ संक्रांति तिथिशरीर परित्यागमहान  भीष्म। ५९/ बाल संवारे~कांधे लटका थैलास्कूल को

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 2 Read More »

हाइकु

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग १

नारी जीवन और संवेदना

हाइकु अर्द्धशतक १/बसंत नाचेगाये गीत फाग केप्रेम राग के। २/बासंती चिट्ठीसंवदिया बन केआया बयार। ३/  बासंती  हवा   रंग  बिखर गया। निखर गया। ४/फलक तले खिले सरसों फुलबसंत पले। ५/पी का दीदारनशा ज्यों हो शराबदिल गुलाब । ६/ नदिया तीरखड़ा है जो गंभीरशिव मंदिर। ७/ मस्जिद परअल्लाहु अकबररब का घर । ८/ हर जगहवाहेगुरू फतहजै

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग १ Read More »

बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना

हिंदी कविता

बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना धूप बहुत है मौसम जल-थल भेजो ना,बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना मौलसरी की शाख़ों पर भी दिए जलें,शाख़ों का केसरिया आँचल भेजो ना नन्हीं मुन्ही सब चहकारें कहाँ गईं?मोरों के पैरों की पायल भेजो ना बस्ती बस्ती वहशत किसने बो दी है,गलियों बाज़ारों की हलचल भेजो

बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना Read More »

Jai Sri Ram kavitabahar

मन में राम नाम नित जापे/ कवयित्री अर्चना पाठक

हिंदी कविता

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्र, रामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया। मन में राम नाम नित जापे/ कवयित्री अर्चना पाठक अवध पुरी आए सिय रामा।ढोल बजे नाचे सब

मन में राम नाम नित जापे/ कवयित्री अर्चना पाठक Read More »

Jai Sri Ram kavitabahar

मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे

प्रकृति और पर्यावरण

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्र, रामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया। मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे ~~~~~~~~~~~~~~~~~ओ मेरे प्रभु वनवासी रामआज पधारे अयोध्या धाम,चौदह वर्ष तक

मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे Read More »

Jai Sri Ram kavitabahar

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर कविता / शिवराज चौहान

समाज और यथार्थ

यह हिंदी कविता – राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर रचित है .  एक हिंदू मंदिर है जो भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि के पवित्र तीर्थ स्थल पर पुनः नए रूप में बनाया जा रहा हेैं। राम जन्मभूमि राजा राम का जन्मस्थान है, जिन्हे भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा किया जाएगा। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर कविता / शिवराज चौहान Read More »

Jai Sri Ram kavitabahar

अयोध्या और राममंदिर पर कविता /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”

हिंदी कविता

राम जन्मभूमि मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भारत के उत्तर प्रदेश केअयोध्या में राम जन्मभूमि के पवित्र तीर्थ स्थल पर पुनः नए रूप में बनाया जा रहा हेैं।[3]राम जन्मभूमि राजा राम का जन्मस्थान है, जिन्हे भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा किया जाएगा। अयोध्या और राममंदिर /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर” भगवा रंग में रंगने को लगे सदियों साल है।सालों साल

अयोध्या और राममंदिर पर कविता /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर” Read More »

रक्षाबंधन पर कविता

हिंदी कविता

रक्षा बन्धन एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं। यह ‘रक्षासूत्र’ मात्र धागे का एक टुकड़ा नहीं होता है, बल्कि इसकी महिमा अपरम्पार होती है। कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने सांसारिक संकटों से मुक्ति के लिये भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो कृष्ण

रक्षाबंधन पर कविता Read More »

आक्रोश पर निबंध – मनीभाई नवरत्न

समाज और यथार्थ

“कभी रोष है ,तो कभी जोश है।

मन में उफनता , वो ‘आक्रोश’ है।

मदहोश यह, तो कहीं निर्दोष है।

परदुख से उत्पन्न ‘आक्रोश’ है।”

आक्रोश पर निबंध – मनीभाई नवरत्न Read More »

Scroll to Top