सोरठा छंद [अर्ध सम मात्रिक] कैसे लिखें

सोरठा छंद [अर्ध सम मात्रिक] विधान – 11,13,11,13 मात्रा की चार चरण , सम चरणों के अंत में वाचिक भार 12 (अपवाद स्वरुप 12 2 भी), विषम चरणों के अंत में 21 अनिवार्य, सम चरणों के प्रारंभ में ‘मात्राक्रम 121 का स्वतंत्र शब्द’ वर्जित, विषम चरण तुकांत जबकि सम चरण अतुकांत l विशेष – दोहा … Read more

शबरी (अनुगीत छंद) – बाबू लाल शर्मा

विधान– २६ मात्रा प्रति चरण
चार चरण दो-दो समतुकांत हो
१६,२६ वीं मात्रा पर यति हो
चरणांत लघु १ हो।

आम और तरबूजा बाल कविता

आम और तरबूजा बाल कविता कहा आम तरबूजे सेसुन लो मेरी बातफलों का राजा आम मैंतेरी क्या औकातगांव शहर घर-घर में मेरीसबमें है पहचानबड़े शान से बच्चे बूढ़ेकरते खूब बखानअमृतफल फलश्रेष्ट अंबआम्र अनेकों नामलंगड़ा चौसा दशेहरीरूपों से संनामस्वादों में अनमोल मैमिलता बरहो मांसशादी लगन बरात मेंरहता हूं खुब खासकच्चा पक्का हूं उपयोगीसिरका बने आचारलू लगने … Read more

बहुत छोटे बच्चों के लिए कविता कैसी हो?

छोटे बच्चों के लिए कविता बहुत छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक कविता लिख लेना बड़े बच्चों के लिए कविता लिखने की अपेक्षा कहीं अधिक कठिन है। छोटे बच्चों का स्वभाव इतना चंचल और मनोभावनाएँ इतनी उलझी हुई होती हैं कि बड़े उन्हें प्रायः आसानी से समझ भी नहीं पाते। उन उलझी हुई भावनाओं में रमकर … Read more

खरबूज बाल कविता

खरबूज बाल कविता हरे रंग खरबूज के,होते हैं ये गोलकाले-काले बीज भी,लगते हैं अनमोल।। करते हैं ये फायदे,पानी भी भरपूर।खाते सब खरबूज को,पूँजीपति मजदूर।। मीठे फल खरबूज के,उपज नदी मैदान।लाल-लाल होते गुदे,खाने में आसान।। नदियों के तट पर लगे,जहाँ बिछी हों रेत।खेती हों खरबूज की,रेत बने सुंदर खेत।। खाते जब खरबूज को,मिलता बढ़िया स्वाद।भर जाता … Read more