कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

जीवन उथल पुथल कर देगा

हिंदी कविता

जीवन उथल पुथल कर देगा पल भर का सम्पूर्ण समागम ,जीवन उथल पुथल कर देगा।तुम चाहे जितना समझाओ,पर यह भाव विकल कर देगा। 1.आँखो  में  आँखो  की भाषा ,लिखना पढ़ना रोज जरा सा।सपनों  का   सतरंगी    होना,देख चाँद सुध बुध का खोना।थी अब तक जो बंद  पंखुडी,उसको फूल कवल कर देगा।तुम चाहे जितना समझाओ,पर यह भाव […]

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हिंदी हास्य कविता संग्रह (Hasya Kavita in Hindi)

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

Popular Hasya Kavita in Hindi: नमस्कार पाठकों , यहां पर हमने हिंदी हास्य कविता संग्रह की है। यह हिंदी हास्य कविता (Hindi Hasya Kavita) बहुत ही प्रसिद्ध कवियों द्वारा रचित है। उम्मीद करते हैं आपको यह हास्य कविता (hindi funny poem) पसंद आयेगी। इन्हें आगे शेयर जरूर करें। हिंदी हास्य कविता कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ प्रकृति बदलती क्षण-क्षण

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ये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है

हिंदी कविता

ये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है जज़्बातों की होगी ज़रूरत समझने को इसे लफ़्ज़ों से समझ जाए कोई ये वो कहानी नहीं हैये जो लग रहा है गिला सा आँख टूटे हुआ दिल काये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है छोड़ कर जाने का फ़ैसला जो कर लिया है तुमने

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वीर को नमन कर-हरिहरण घनाक्षरी

हिंदी कविता,

23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है और भारत में मनाया जाता है। इस दिन 1931 को तीन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। महात्मा गांधी की स्मृति में। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गांधी की हत्या कर दी गयी थी। महात्मा गांधी के सम्मान में

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दिसंबर महीने पर कविता

हिंदी कविता

दिसंबर महीने पर कविता आ गये दिसंबर केठिठुराते  दिन।कोहरे की चादर धूप भाये पल झिन । आ गये दिसंबर के ठिठुराते दिन । लुका छुपी करतासूरज  दादा  आसमां पेबेमौसम पानी बरसे रिमझिम । आ गये दिसंबर के ठिठुराते दिन । काँप रहे दादा जी जला रहे अलावदादी बुला  रही अरेसोनू  मोनू  जल्द  आवदाँत किटकिटाते पानी

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सायली विधा में रचना – मधुमिता घोष

हिंदी कविता

सायली विधा में रचना – मधुमिता घोष बचपनबीत गयाआई है जवानीउम्मीदें बढ़ीसबकी. चलोउम्मीदों केपंख लगा करछू लेंआसमाँ. आँखेंभीगी आजयादों में तेरीखो गयेसपने. सपनेखो गयेइन आँखों केबिखर गईआशायें.   मधुमिता घोष “प्रिणा”

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चल मेरे भाई – वन्दना शर्मा

हिंदी कविता

चल मेरे भाई – वन्दना शर्मा चलो आज गुजार लेते हैं कुछ खुशी के लमहे,बन जाते हैं एक बार फिरसिर्फ इंसान,और चलते हैं वहाँउसी मैदान में जहाँ,राम और रहीम एक साथ खेलते हैं।चढ़ाते हैं उस माटी का एक ही रंगचलते हैं उस मंदिर और मस्जिद के विवाद की भूमि परदोनों मिलकर बोएँगे प्रेम के बीजचल

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आईना पर कविता – कुमुद श्रीवास्तव वर्मा

हिंदी कविता

आईना पर कविता – कुमुद श्रीवास्तव वर्मा हमको, हमीं से मिलाता है आईना. इस दिल के जज्बात बताता है आईना. हुआ किसी पे फिदा ,ये बताता है आईना. संवरनें की चाह जगाता है आईना. उम्र के तजुर्बों को बताता है आईना. चेहरे की लकीरों को दिखाता है आईना बालों की सफेदी को बताता ये आईना

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हाइकु

शीत ऋतु पर हाइकु – धनेश्वरी देवांगन

हिंदी कविता

शीत ऋतु पर हाइकु – धनेश्वरी देवांगन          सिंदुरी भोर      धरा के मांग  सजी        लागे दुल्हन         नव रूपसी      दुब मखमली  सी        छवि न्यारी  सी          कोहरा छाया     एक पक्ष वक्त  का      दुखों  का साया         शीत अपार    स्वर्णिम रवि रश्मि        सुख स्वरूप        ओस के मोती       जीवन के 

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doha sangrah

रुक्मणि मंगल दोहे / पुष्पा शर्मा “कुसुम”

हिंदी कविता

रुक्मणि मंगल दोहे / पुष्पा शर्मा “कुसुम” विप्र पठायो द्वारिका,पाती देने काज।अरज सुनो श्री सांवरे,यदुकुल के सरताज।। रुक्मणि ने पाती लिखी,सुनिये  श्याम मुकुंद।मो मन मधुप लुभाइयो,चरण- कमल मकरंद।। सजी बारात विविध विधि,आय गयो शिशुपाल।सिंह भाग सियार कहीं,ले जावे यहि काल।।    जो न समय पर पहुँचते,यदुवर चतुर सुजान।देह धरम निबहै नहीं,तन न रहेंगे प्राण।। त्रिभुवन सुन्दर

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हार कर जीतना – पूनम दुबे

समाज और यथार्थ

हार कर जीतना – पूनम दुबे सही तो है हार कर भी,मैं जीत रही हूं,तुम्हारे लिए कभी बच्चों,के लिए कभी परिवार ,के लिए मैं हार कर भी जीत ,रही हूं,क्या हुआ अगर मेरे आत्मसम्मान परचोट लगती,है मेरे आंसुओं से क्या फर्क,पड़ता है ,बात तो ठहरजाती है ना, सबकी बातरह तो जाती है ना, मैं भी

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