कविता बहार

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जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान

हिंदी कविता

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान *कलम तू बोल जय उनकी,* *जो भारत मां के प्यारे हैं।**वो सूरज हैं वो चंदा हैं,* *वो बलिदानी सितारे हैं।।*ये मिट्टी की ही खुशबू थी, उसी की थी वो मद मस्ती।उतारूं आज मैं कर्जा, लगी तब जिंदगी सस्ती।।उठाया भाल भारत का, स्वयं के शीश तारे हैं… पिलाया […]

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बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना

हिंदी कविता

बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना धूप बहुत है मौसम जल-थल भेजो ना,बाबा मेरे नाम का बादल भेजो ना मौलसरी की शाख़ों पर भी दिए जलें,शाख़ों का केसरिया आँचल भेजो ना नन्हीं मुन्ही सब चहकारें कहाँ गईं?मोरों के पैरों की पायल भेजो ना बस्ती बस्ती वहशत किसने बो दी है,गलियों बाज़ारों की हलचल भेजो

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Jai Sri Ram kavitabahar

मन में राम नाम नित जापे/ कवयित्री अर्चना पाठक

हिंदी कविता

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्र, रामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया। मन में राम नाम नित जापे/ कवयित्री अर्चना पाठक अवध पुरी आए सिय रामा।ढोल बजे नाचे सब

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Jai Sri Ram kavitabahar

मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे

प्रकृति और पर्यावरण

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्र, रामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया। मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे ~~~~~~~~~~~~~~~~~ओ मेरे प्रभु वनवासी रामआज पधारे अयोध्या धाम,चौदह वर्ष तक

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Jai Sri Ram kavitabahar

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर कविता / शिवराज चौहान

समाज और यथार्थ

यह हिंदी कविता – राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर रचित है .  एक हिंदू मंदिर है जो भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि के पवित्र तीर्थ स्थल पर पुनः नए रूप में बनाया जा रहा हेैं। राम जन्मभूमि राजा राम का जन्मस्थान है, जिन्हे भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा किया जाएगा। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर

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Jai Sri Ram kavitabahar

अयोध्या और राममंदिर पर कविता /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”

हिंदी कविता

राम जन्मभूमि मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भारत के उत्तर प्रदेश केअयोध्या में राम जन्मभूमि के पवित्र तीर्थ स्थल पर पुनः नए रूप में बनाया जा रहा हेैं।[3]राम जन्मभूमि राजा राम का जन्मस्थान है, जिन्हे भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा किया जाएगा। अयोध्या और राममंदिर /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर” भगवा रंग में रंगने को लगे सदियों साल है।सालों साल

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रक्षाबंधन पर कविता

हिंदी कविता

रक्षा बन्धन एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं। यह ‘रक्षासूत्र’ मात्र धागे का एक टुकड़ा नहीं होता है, बल्कि इसकी महिमा अपरम्पार होती है। कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने सांसारिक संकटों से मुक्ति के लिये भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो कृष्ण

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हिन्दी कविता: वक्ता पर कविता– नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हिंदी कविता

वक्ता पर कविता- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र हे मेरे प्यारे वक्तावाक कला में प्रवीणबड़बोला महाराजबातूनी सरदारकृपा करके हमें भी बताओकि तुम इतना धारा प्रवाहकैसे बोल लेते हो..?बिना देखे,बिना रुकेघंटों बोलने की कलाआख़िर तुमने कैसे सीखी है..?दर्शकों कोगुदगुदाने वाली कविताएँजोश भरने वाली शायरियांऔर नैतिक उपदेश वालेसंस्कृत के इतने सारे श्लोकतुमने भला कैसे याद किए हैं..?मुझे नहीं लगताकि

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बेटी पर कविता / लक्ष्मीकान्त ‘रुद्रायुष’

हिंदी कविता

बेटी पर कविता / लक्ष्मीकान्त ‘रुद्रायुष’ सुख औ समृद्धि कारी,होती फिर भी बेचारी,क्यों ना जग को ये प्यारी,बेटी अभिमान है।माता का दुलार बेटी,पिता का है प्यार बेटी,खुशी का संसार बेटी,सबका सम्मान है।सूना घर महकाती,चिड़िया सी च-चहाती,“कांत” मन बहलाती,बेटी स्वभिमान है।प्यारा उपहार कोई,बेटी जैसा नही कोई,रिश्ते सब निभाये वोही,बेटी पहचान है ” कुण्डलियाँ “ बेटी स्वाभिमान

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हिन्दी कविता: रायपुर सेंट्रल जेल में-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हिंदी कविता

रायपुर सेंट्रल जेल में-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र रायपुर में पढ़ता था मैंपंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालयथा दर्शनशास्त्र का विद्यार्थीजन्मभूमि सा प्यारा था आज़ाद छात्रावास गाँव वालों की नज़रों मेंथा बड़ा पढन्तामेरे बारे में कहते थे वे–“रइपुर में पढ़ता है पटाइल का नाती।” मेरे गाँव के पास का एक गाँवजहाँ रहती थी मेरी फुफेरी दीदीफुफेरा जीजा था जो

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