छेरछेरा / राजकुमार ‘मसखरे’
छेरछेरा / राजकुमार ‘मसखरे’ छेरिक छेरा छेर मरकनिन छेरछेरामाई कोठी के धान ल हेर हेरा. आगे पुस पुन्नी जेखर रिहिस हे बड़ अगोराअन्नदान के हवै तिहार,करे हन संगी जोरा…छेरछेराय बर हम सब जाबोधर के लाबो जी भर के बोरा…..! आजा चैतू,आजा जेठू आ जा ओ मनटोराजम्मों जाबो,मजा पाबो,चलौ बनाथन घेरा……छत्तीसगढ़ हे धान के सीघये हमर … Read more