हिंदी कविता

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हसदेव बचाव अभियान पर कविता

प्रकृति और पर्यावरण

हसदेव बचाव अभियान पर कविता हसदेव को बचाना है पेड़ काटोगे तो हवा घटेगी,जल हो जायेगा गुम,मानव तेरे पतन का,चहूंँ ओर होगा धूम ही धूम। कहीं लुप्त हो जाएगा,यह प्रकृति का सुंदर चित्र,मनुष्य मारे पैर में कुल्हाड़ी,यह कार्य है विचित्र।वक्त की यही है आवाज,विश्व को भी बताना है,जग के अस्तित्व के लिए,हसदेव को बचाना है।

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ठंडी का मौसम -अंजनी कुमार शर्मा

हिंदी कविता

ठंडी का मौसम –अंजनी कुमार शर्मा आया है ठंडी का मौसमसूरज का बल हुआ है कमओढे़ कोहरे की चादरगाँव-गाँव और नगर-नगरस्वेटर पहने जन पडे़ दिखाईओढे़ कंबल और रजाईकाँप रहा है कलुआ कुत्ताखलिहान में पडा़ है दुबकाठंडी के आगे सब हारेछिप गये हैं चाँद और तारेबर्फीली हवाएँ जब चलतीतन-मन में तब सिहरन उठतीऔर फिर कूछ नहीं

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क्षितिज सूर्य

उषाकाल पर कविता /नीलम

हिंदी कविता

ज़मीं,आसमान,चाँद,नदियाँ,झीलें, पहाड़,सागर,बादल,अधखिली कलियाँ और सुबह की ताज़गी दुनियाँ के बेहतरीन अध्यापक हैं,ये हमें वो सिखाते हैं,जो कभी किताबों में नहीं लिखा जा सकता •••••

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इंद्रधनुष के रंग उड़े हैं/ बाबू लाल शर्मा *विज्ञ*

नारी जीवन और संवेदना

इंद्रधनुष के रंग उड़े हैं/ बाबू लाल शर्मा *विज्ञ* इन्द्र धनुष के रंग उड़े हैं. देख धरा की तरुणाई।छीन लिए हाथों के कंगन. धूम्र रेख नभ में छाई।। सुंदर सूरत का अपराधी. मूरत सुंदर गढ़ता हैकौंध दामिनी ताक ताक पथ. चन्दा नभ में चढ़ता है. नारी का शृंगार लुटेरापाहन लगता सुखदाई।इन्द्रधनुष…………..।। यौवन किया तिरोहित नभ

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गणपति पर कविता – नीरामणी श्रीवास नियति

हिंदी कविता

गणपति पर कविता गणपति बप्पा आ गए ,भादो के शुभ माह।भूले भटके जो रहे , उन्हें दिखाना राह ।।उन्हें दिखाना राह , कर्म सत में पग धारे ।अंतस के खल नित्य , साधना करके मारे ।नियति कहे कर जोड़, चाहते हो गर सदगति ।शरणागत हो आज , ध्यान करना है गणपति ।। गणपति बप्पा मोरिया

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घर-घर में गणराज – परमानंद निषाद

समाज और यथार्थ

“घर-घर में गणराज” परमानंद निषाद द्वारा रचित एक कविता है जो गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की महिमा और उनकी पूजा के महत्व को दर्शाती है। यह कविता गणेश उत्सव की खुशी, भक्ति, और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रकट करती है। *घर-घर में गणराज (दोहा छंद)* आए दर पे आपके, कृपा करो गणराज।हे लम्बोदर

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गौरी के लाला गनराज

हिंदी कविता

गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक

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वतन वालों वतन ना बेच देना

हिंदी कविता

वतन वालों वतन ना बेच देना वतन वालों वतन ना बेच देनाये धरती, ये गगन ना बेच देनाशहीदों ने जान दी है, वतन के वास्तेशहीदों के कफ़न ना बेच देना दोस्तों, साथियों, हम चले दे चलेअपना दिल अपनी जाँताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्ताँहम जीये, हम मरे, इस वतन के लिएइस चमन के लिएताकि खिलते रहें

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महाभारत अर्जुन और कृष्ण

महाभारत पर दोहा : 10 पात्रों की व्याख्या

समाज और यथार्थ

यदि “महाभारत” को पढ़ने का समय न हो , तो भी इसके दस सार-सूत्र महाभारत के पात्रों पर दोहा हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं.

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पेड़ हमारे मित्र पर कविता

हिंदी कविता

पेड़ हमारे जीवन के अनमोल साथी और सच्चे मित्र होते हैं। ये हमें स्वच्छ वायु, छाया, और अनेक प्रकार के फल-फूल प्रदान करते हैं। इनका महत्व केवल हमारे दैनिक जीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पेड़ हमारे सच्चे मित्र हैं

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