नया रास्ता नहीं, नई आँखें
हिंदी कवितानया रास्ता नहीं, नई आँखें यदि जीवन एक यात्रा है,तो हम सब चल रहे हैं। पर अधिकतरअँधेरे में चल रहे हैं—आँखों परपट्टी बाँधकर। दुनिया नेचलना सिखा दिया,पर यह नहीं बतायाकिकिधर चलना है,औरक्यों चलना है। विडंबना तो यह है—हम रास्ता ढूँढने की बात करते हैं,जबकिहमें यह भी स्पष्ट नहींकियात्री कौन है। बुद्धिकोई नया मार्ग नहीं बनाती।वहतुम्हारे
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