हिंदी कविता

उनकी तड़प तुम्हारी ही है

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उनकी तड़प तुम्हारी ही है यदितुम्हें याद हैअपनी ही बेड़ियाँ,अपनी ही मुक्ति कीअधूरी पुकार—तोतुमदूसरों कीखामोश कैद कोमहसूस करने लगते हो। तबदूसरों की आँखों मेंजो चाहकभी कही नहीं गई,वहतुम्हेंचुभने लगती है। जब तुमसच मेंअपने आप सेप्रेम करते हो,तोएक सत्यउजागर होता है—तुम्हारी भलाईऔरदुनिया की भलाईअलग नहीं। साधारण प्रेमसौदे जैसा है—सुख के बदले सुख,आराम के बदलेआराम। कभीरिझाना,कभीरिझ जाना।

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बाहरी ज्ञान, भीतरी अंधकार

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Outer Knowledge, Inner Darkness(बाहरी ज्ञान, भीतरी अंधकार)(एक लम्बी, विचारप्रद, सत्यनिष्ठ अतुकांत कविता) अठारह साल,या पच्चीस साल—तुमने पढ़ा क्या? भाषाएँ,इतिहास,राजनीति,भूगोल,अर्थशास्त्र। सूत्र, समीकरण,मानचित्र, तिथियाँ—जानकारियों की बाढ़। पर एक असहज प्रश्न है—क्या तुमअंग्रेज़ी भाषा हो?या फ्रेंच व्याकरण? क्या तुमरासायनिक समीकरण हो?या त्रिकोणमिति का सिद्धांत? क्या तुमपाठ्यपुस्तक में छपीनदियाँ और हिमनद हो?क्या तुमअलेक्ज़ेंडर हो,या अशोक? क्या तुमहार्डवेयर हो?या कोड?

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संबंध से पहले संपूर्ण बनो

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संबंध से पहले संपूर्ण बनो किसी कायोग्य साथी बनने से पहलेक्यायोग्य मनुष्यबनना आवश्यक नहीं? अकेलापनसीखो। दूसरों सेजुड़ने से पहलेअपने साथरहना सीखो—आसानी से,सहजता से,खुशी से। यदितुम स्वयं के साथबैठ नहीं सकते,तोकृपयाकिसी और परभार मत बनो। जोअपने भीतरठीक नहीं है,वहदूसरे परसवार क्यों हो? अक्सरहमदूसरे के पासइसीलिए जाते हैंक्योंकिहमअपने पासरुक नहीं पाते। यह भी सत्य है—हमेंसंबंधों मेंजीना है।हमद्वीप

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शोर नहीं, सत्य को याद रखो

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शोर नहीं, सत्य को याद रखो सब कुछजो याद है,याद रखने योग्य नहीं। अतीत का बड़ा हिस्साज्ञान नहीं—शोर है। उसे छोड़ दो।शांतिअपने आपउभर आएगी। जो कुछतुम जानते हो,वह भीसब जानने योग्य नहीं। काफी कुछउधार है,अप्रासंगिक है,मृत बोझ है। उसे गिरने दो—और देखोतुमकितने हल्के हो जाते हो। जो कुछतुम्हारे पास है,उसकामालिक मत बनो—उसेसेवक रहने दो। तबविनम्रतास्वाभाविक

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व्यक्ति नहीं, प्रभाव देखो

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व्यक्ति नहीं, प्रभाव देखो सही संबंधसही व्यक्ति खोजने सेनहीं बनता। पहलेअपने कोकिसीसार्थक कार्य मेंलगाओ—औरजो तुम्हेंउस कार्य कोपूरा करने मेंसहायक हो,वहीसंबंध के योग्य है। उचित संगतिवरदान होती है।यदिकिसी का साथमन कोप्रकाश दे,जीवन कोऊपर उठाए—तोस्वयं कोउससेवंचित मत करो। विवाह क्या है?सबसे पहले—साथ निभाने कीएक व्यवस्था। दशकों तककिसी के साथरहने कानिर्णय। इसलिएसबसे बड़ा प्रश्नयह नहीं किवह कौन है,बल्कियह

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ध्यान नहीं बदला, तो टीवी ही देख लो

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ध्यान नहीं बदला, तो टीवी ही देख लो जो ध्यानजीवन को न बदले,वह ध्यान नहीं—मन को सुलाने कीएक आदत भर है। आँखें बंद करनाध्यान नहीं है।यदि आँखें खुलने परज़िंदगी वैसी ही रहे,तो भीतरकुछ भी नहीं जागा। सच्चा ध्यानजीवन के केंद्र तकपहुँचता है—और वहाँहस्तक्षेप करता है। वहतोड़ता हैपुरानी सुविधाओं को,उधेड़ता हैझूठी पहचान को,औरनए ढंग सेजीने की

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अंधा बंधन, आजीवन कारावास

हिंदी कविता

अंधा बंधन, आजीवन कारावास यदिबुद्धिमान होकरविवाहित हो—सुंदर। यदिबुद्धिमान होकरअविवाहित हो—वह भीसुंदर। मुद्दाविवाह नहीं,मुद्दाबुद्धि है। मुझेविवाह सेन पक्ष है,न विरोध। मुझेउस मन मेंरुचि हैजोसुरक्षा की ओरभागता है,जोकिसी दूसरे कोअपना बनाकरक़ैद करना चाहता है। उसी मन कोदेखनाज़रूरी है। विवाहकेवलसाथ रहने कानाम नहीं—वहकाम की दिशा बदल देता है,संतानों सेरिश्ता गढ़ देता है,जीवन केलगभग हर कोने कोछू लेता है।

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मिट्टी खोदो, हीरा वहीं है

हिंदी कविता

मिट्टी खोदो, हीरा वहीं है तुम जहाँ हो,वहीं सेरास्ता खुलेगा। किसी नए स्थान,किसी नए व्यक्ति,किसी नई परिस्थिति कीज़रूरत नहीं। जो सामने है—उसी सेशुरुआत करो। यदि ऊब है,तो ऊब से भागो मत।उसे देखो।उसी मेंप्रवेश-द्वार छुपा है। यदि आसक्ति है,तो उसे न ढको,न उचित ठहराओ।वह तुम्हें दिखाएगीतुम्हारी निर्भरता,तुम्हारा भ्रम। यदि क्रोध हैया भय—तो वहीमार्ग है। उन्हें दबाने

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तुम वही बन जाते हो, जो भीतर लेते हो

हिंदी कविता

तुम वही बन जाते हो, जो भीतर लेते हो साथमासूम नहीं होता।वहधीरे-धीरेतुम्हें गढ़ता है। जीवन कोसबसे तेज़और सबसे गहरेकुछ बदलता है—वह हैसंगति।वातावरण। इसलिएसतर्क रहो। किससे मिलते हो,क्या पढ़ते हो,क्या देखते हो,क्या सुनते हो,क्या खाते हो—यह सबतुम्हारे भीतरउतर रहा है। अंधाधुंधकुछ भीअंदर मत आने दो। इंद्रियाँहर क्षणपी रही हैं।औरतुम वही बनते होजोवे पी लेती हैं। हाँ,एक

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प्रेरणा का अंत, स्पष्टता की शुरुआत

प्रेरणा और सकारात्मकता, हिंदी कविता

प्रेरणा का अंत, स्पष्टता की शुरुआत जब प्रेरणाबाहर से आती है,तोवह बाहर के साथ हीखत्म हो जाती है। कोई भी बाहरी चिंगारीहमेशाजल नहीं सकती। हम अक्सरकिसी लक्ष्य के पीछेइस भरोसे से दौड़ते हैं—किजब यह मिल जाएगा,तबमैं पूरा हो जाऊँगा। यह भावनाअजनबी नहीं है। अभी मैं पर्याप्त नहीं हूँ,परउस मुकाम पर पहुँचकरमुझेखुद को अच्छा महसूस करने

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रिश्तों का गुलाल – परिवार और प्रेम के रंगों का प्रतीक चित्र

रिश्तों का गुलाल – प्रेम और विश्वास की हिंदी कविता

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

इस कविता में रिश्तों का गुलाल हिंदी कविता रिश्तों की मिठास, विश्वास और प्रेम के रंगों को उजागर करती है। यह कविता बताती है कि कैसे सच्चे रिश्ते जीवन को रंगीन बनाते हैं। भूमिका जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति धन नहीं, बल्कि रिश्ते होते हैं। रिश्ते वे रंग हैं जो जीवन की सूनी दीवारों को

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मन का अबीर

मन का अबीर: समकालीन विद्रूप पर एक हिंदी कविता

समाज और यथार्थ

इस कविता में: ‘मन का अबीर’ शीर्षक के अंतर्गत आधुनिक समाज के खोखलेपन और दिखावे पर कटाक्ष करती यह हिंदी कविता मानवीय संवेदनाओं के असली रंगों की तलाश करती है। भूमिका होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अंतर्मन के उन धूसर कोनों को रंगने का अवसर है, जहाँ नैतिकता और संवेदनाएं जमी हुई हैं।

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