उनकी तड़प तुम्हारी ही है
हिंदी कविताउनकी तड़प तुम्हारी ही है यदितुम्हें याद हैअपनी ही बेड़ियाँ,अपनी ही मुक्ति कीअधूरी पुकार—तोतुमदूसरों कीखामोश कैद कोमहसूस करने लगते हो। तबदूसरों की आँखों मेंजो चाहकभी कही नहीं गई,वहतुम्हेंचुभने लगती है। जब तुमसच मेंअपने आप सेप्रेम करते हो,तोएक सत्यउजागर होता है—तुम्हारी भलाईऔरदुनिया की भलाईअलग नहीं। साधारण प्रेमसौदे जैसा है—सुख के बदले सुख,आराम के बदलेआराम। कभीरिझाना,कभीरिझ जाना।
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