वतन है जान से प्यारा -बाबू लाल शर्मा,बौहरा, विज्ञ
हिंदी कवितावतन है जान से प्यारा -बाबूलाल शर्मा बौहरा विज्ञ सितारे साथ होते तो,बताओ क्या फिजां होती।सभी विपरीत ग्रह बैठे,मगर मय शान जिन्दा हूँ। गिराया आसमां से हूँ,जमीं ने बोझ झेला है।मिली है जो रियायत भी,नहीं,खुद से सुनिन्दा हूँ। न भाई बंधु मिलते है,सगे सम्बन्ध मेरे तो,न पुख्ता नीड़ बन पाया,वही बेघर परिन्दा हूँ। किया जाने […]
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