कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

Jai Sri Ram kavitabahar

अयोध्या और राममंदिर पर कविता /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”

हिंदी कविता

राम जन्मभूमि मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भारत के उत्तर प्रदेश केअयोध्या में राम जन्मभूमि के पवित्र तीर्थ स्थल पर पुनः नए रूप में बनाया जा रहा हेैं।[3]राम जन्मभूमि राजा राम का जन्मस्थान है, जिन्हे भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र द्वारा किया जाएगा। अयोध्या और राममंदिर /सुन्दर लाल डडसेना”मधुर” भगवा रंग में रंगने को लगे सदियों साल है।सालों साल […]

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रक्षाबंधन पर कविता

हिंदी कविता

रक्षा बन्धन एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं। यह ‘रक्षासूत्र’ मात्र धागे का एक टुकड़ा नहीं होता है, बल्कि इसकी महिमा अपरम्पार होती है। कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने सांसारिक संकटों से मुक्ति के लिये भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो कृष्ण

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आक्रोश पर निबंध – मनीभाई नवरत्न

समाज और यथार्थ

“कभी रोष है ,तो कभी जोश है।

मन में उफनता , वो ‘आक्रोश’ है।

मदहोश यह, तो कहीं निर्दोष है।

परदुख से उत्पन्न ‘आक्रोश’ है।”

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हिन्दी कविता: वक्ता पर कविता– नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हिंदी कविता

वक्ता पर कविता- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र हे मेरे प्यारे वक्तावाक कला में प्रवीणबड़बोला महाराजबातूनी सरदारकृपा करके हमें भी बताओकि तुम इतना धारा प्रवाहकैसे बोल लेते हो..?बिना देखे,बिना रुकेघंटों बोलने की कलाआख़िर तुमने कैसे सीखी है..?दर्शकों कोगुदगुदाने वाली कविताएँजोश भरने वाली शायरियांऔर नैतिक उपदेश वालेसंस्कृत के इतने सारे श्लोकतुमने भला कैसे याद किए हैं..?मुझे नहीं लगताकि

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beti

बेटी पर कविता / लक्ष्मीकान्त ‘रुद्रायुष’

हिंदी कविता

बेटी पर कविता / लक्ष्मीकान्त ‘रुद्रायुष’ सुख औ समृद्धि कारी,होती फिर भी बेचारी,क्यों ना जग को ये प्यारी,बेटी अभिमान है।माता का दुलार बेटी,पिता का है प्यार बेटी,खुशी का संसार बेटी,सबका सम्मान है।सूना घर महकाती,चिड़िया सी च-चहाती,“कांत” मन बहलाती,बेटी स्वभिमान है।प्यारा उपहार कोई,बेटी जैसा नही कोई,रिश्ते सब निभाये वोही,बेटी पहचान है ” कुण्डलियाँ “ बेटी स्वाभिमान

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हिन्दी कविता: रायपुर सेंट्रल जेल में-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हिंदी कविता

रायपुर सेंट्रल जेल में-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र रायपुर में पढ़ता था मैंपंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालयथा दर्शनशास्त्र का विद्यार्थीजन्मभूमि सा प्यारा था आज़ाद छात्रावास गाँव वालों की नज़रों मेंथा बड़ा पढन्तामेरे बारे में कहते थे वे–“रइपुर में पढ़ता है पटाइल का नाती।” मेरे गाँव के पास का एक गाँवजहाँ रहती थी मेरी फुफेरी दीदीफुफेरा जीजा था जो

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हिन्दी कविता: कारगिल विजय दिवस की गाथा

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कारगिल विजय दिवस की गाथा;-
*सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) 493558

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हिन्दी कविता : जार्ज फ्लॉयड पर कविता- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

हिंदी कविता

जार्ज फ्लॉयड पर कविता- जार्ज फ्लॉयड तुम आदमी थेतुम आदमी ही रहेपर तुम्हें पता नहींकि शैतानी नज़रों मेंआदमी होना कुबूल नहीं होताआख़िर तुम मारे गए काश तुम जान गए होतेकि तुम्हारा जिंदा रहने के लिएतुम्हारा आदमी होना ज़रूरी नहीं थाजितना जरूरी थातुम्हारी चमड़ी का गोरा रंग जार्ज फ्लॉयडकाश की तुम्हेंगिरगिट की तरहअपनी चमड़ी का रंग

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