कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

ममतामयी माँ पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। ममतामयी माँ पर कविता माँ तुमनें जन्म दिया,तुम जीवनदायिनी हो।प्यार मिला भी तुमसे,तुम ममतामयी हो।। तुमसे कोई और प्यारा […]

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माँ की मान पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ की मान पर कविता है माँ की शक्ति अपारमाँ है सृष्टि का आधारमाँ के जैसा कोई नहीमाँ का

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माँ ममता की मूरत पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ ममता की मूरत पर कविता ममता की मूरत होती है माँ, अपनी फर्ज निभाती है माँ। प्रीत सरस

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साहस पर कहानी

हिंदी कविता

साहस पर कहानी प्रीति अपने बच्चों के साथ एयरपोर्ट पर अपने पति को छोड़ने गई थी।प्रीति ने अपने पति से कहा-“संजय जल्दी आना।संजय-“हाँ प्रीति मीटिंग के बाद आ जाऊँगा,घूमने नहीं जा रहा हूँ।फ्लाईट आधे घण्टे बाद अमेरिका के लिए उड़ान भरने वाली थी।संजय की फ्लाइट गंतव्य की ओर उड़ान भर चुकी थी।प्रीति अपने बच्चों को

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कोरोना से युद्ध पर कविता

हिंदी कविता

कोरोना से युद्ध पर कविता कोरोना से युद्ध~~~~~~~~~~~~~उनकी खातिर प्रार्थना,मिलकर करना आज।जो जनसेवा कर रहे,भूल सभी निज काज।भूल सभी निज काज,प्राण जोखिम में डाले।कोरोना से युद्ध ,चले करने दिलवाले।कह डिजेन्द्र करजोरि,सुनो उनके भी मन की।बस सेवा का भाव,हृदय में बसती उनकी।।~~~~~~◆◆◆◆~~~~~~~डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)मो. 8120587822

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छात्र राजनीति और राजनीतिक संस्कार पर लेख

हिंदी कविता

छात्र राजनीति और राजनीतिक संस्कार (सामयिक प्रतिक्रिया )   हमारे महाविद्यालय में कल यानी 28.02.2020 को वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम के दौरान कुछ निराशाजनक घटनाएं और दृश्य देखने को मिला।मंच संचालन जैसी छोटी सी बात को लेकर दो छात्र यूनियन के बीच जिस तरह से आरोप -प्रत्यारोप लगाते हुए

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जिंदगी पर कविता

हिंदी कविता

जिंदगी पर कविता रंगीन टेलीविजन-सी यह ज़िन्दगीलाइट गुल होने परबंद हो जाती है अचानककाले पड़ जाते हैं इसके पर्देबस यूँ ही–अचानक थम जाती हैहमारी उम्रऔर थम जाते हैंजीवन और मृत्यु के अहसासऔर सारे रहस्य। — कुलमित्र9755852479

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समय पर कविता

समय और जीवन दर्शन, हिंदी कविता

समय पर कविता समय के पाससमय नहीं हैकि थोड़ी देर रुकेतुम्हारे लिए अच्छा होगाकि तुम भी न रूकोचलते रहोसमय के साथ रुकने वालों काकोई संवाद नहीं होताकोई कहानी नहीं होतीकोई इतिहास नहीं होता चलते रहने वालोंतुम चलते ही रहोतुम्हारे बारे मेंएक दिनसमय सबको बताएगा — नरेन्द्र कुमार कुलमित्र9755852479

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पेड़ होती है स्त्री पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

स्त्री पर कविता जीवन भरचुपचापसहती हैउलाहनों के पत्थरऔरदेती हैआशीषों की छाँह बड़ी आसानी सेकाटो तो कट जाती हैजलाओ तो जल जाती हैआपके हितों के लिएईंधन की तरह पेड़ होती है स्त्री। — नरेन्द्र कुमार कुलमित्र9755852479

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दीप पर कविता

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दीप पर कविता ओ दीप ! तुझे मन  टेर रहा है । प्यासे  मृग-सी  अँखियाँ  लेकर पवन-पथिक को चिट्ठियाँ देकर पथ   भटके   बंजारे   के   ज्यों पल-पल   रस्ता   हेर   रहा   है । ओ दीप ! तुझे  मन  टेर रहा है । देख  प्राण  को  निपट अकेला लगा   झूमने  दुख    का  मेला बरसूँगा  नित  पलक-धरा  पर

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