कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

manibhai Navratna

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू

समाज और यथार्थ

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू 13/07/2017, 14:42:17: मनी भाई: आदरणीय बालकदास ‘निर्मोही ‘ जीनमस्कार ,कैसे है आप ? आशा है कि आप सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:07: बालकदास ‘निर्मोही’ जी: सादर नमस्कार सर, मैं सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:49: मनी भाई: जी बिल्कुल सर 13/07/2017, 14:44:59: […]

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मनीभाई नवरत्न की गीत

हिंदी कविता,

मनीभाई नवरत्न की गीत आंखों से दूर हो दिल से दूर नहीं आंखों से दूर हो, दिल से दूर नहीं ।।तुम बुला लो फिर ,हम हो जाएंगे हाजिर।। मन तड़पता है तेरी यादों में,होश मेरा जब खोता है।चैन ढूंढता है यह किताबों में ,सारा जग जब सोता है।इसी आस पर बेचैनी मिटे,तुम मशहूर हो मजबूर

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मनीभाई नवरत्न के दोहे

नारी जीवन और संवेदना

मनीभाई नवरत्न के दोहे 1)मित सुख दे भ्राता- पिता , सपूत भी सुख दे मित।सुखी होती  वो नारी ,   जो सुख दे पति नित।।2)धन संचय कर ना साधु ,धन का नहि होती ठौर।आज इसके पास है ,कल हो जाए किसी और।।3)धन की महिमा है बड़ी, धन से ही विपदा टरे।धन नहीं आज तेरे संग ,कल

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सायली -मनीभाई’नवरत्न’

प्रकृति और पर्यावरण

सायली -मनीभाई’नवरत्न’ चलचित्रसारा आकाशविविध रूप लियेमैं निहारताअपलक।•••••••••••••••••••••••समयबेलगाम साबीत रहा बेपरवाहछोटी होतीजिंदगी।•••••••••••••••••••••••मजदूरजग निर्माताकलयुग का विश्वकर्माकैसा देवता?अभागा।•••••••••••••••••••••••मानवप्रकृति रक्षकभक्षक बन रहालालची बनविडंबना।•••••••••••••••••••••••✒️ मनीभाई’नवरत्न’•••••••••••••••••••••••

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हाइकु

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10

समाज और यथार्थ

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10 1मानवाधिकारजब जग ने जानाराष्ट्र संयुक्त। 2वैश्विक तापसंकट में है राष्ट्रसुधरो आप। 3विश्व की शांतिपृथ्वी की सुरक्षाआतंक मिटा। 4अस्त्र की होड़विकास या विनाशअंधे की दौड़। 5भारत आयारंग भेद खिलाफसंसार जागा। 6चुनौती देतापर्यावरण रक्षाहे राष्ट्र!जुड़ो। 7 “मैं” और “तुम”खींच गई लकीरचलो “हम” हों।8 अस्त्र होती हैहिंसा की प्रतिमूर्तिलेती हैं शांति। 9

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मनीभाई नवरत्न के गीत

समाज और यथार्थ,

मनीभाई नवरत्न के गीत ओ मतवाले अपनी जिंदगी को मौत से मिला ले ।ओ मतवाले ओ दिलवाले।खुद को कर दे देश के हवाले ।ओ मतवाले ओ दिल वाले ।। ये मिट्टी हमारी जन्नत है ।ये मिट्टी हमारी दौलत है ।ये खुशहाल रहे, ये मालामाल रहेयही हमारी मन्नत है । इस मिट्टी पर हम अपना शीश

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मनीभाई नवरत्न के सेदोका

प्रकृति और पर्यावरण

मनीभाई नवरत्न के सेदोका सेदोका – पंछी की दिशा पंछी की दिशाबता रही है सदाहोने को महानिशा। लौट आओ रेघर से जाने वालोंमंजिल बुला रही।  🖊मनीभाई नवरत्न समुद्री हवा समुद्री हवाएक होके बूंदों सेबारिश की तीरों सेबरस रहीमदमस्त गिरि कोधीरे से घिस रही।  🖊मनीभाई नवरत्न जूते बिखरे हुएकई अकेले जूतेहमसफ़र ढूँढे।पुछता नहींकोई हाल उनकीसाथी न हो

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स्काउट जम्बुरी गीत

समाज और यथार्थ

स्काउट जम्बुरी गीत यह गीत स्काउट गाइड और जम्बूरी के महत्व और मूल्यों को दर्शाता है। यहां इस गीत को आगे बढ़ाते हुए प्रस्तुत है: जम्बूरी गीत सबसे अपना गहरा नाता है,सबसे अपनी है प्रीति।आओ एक दूजे को मान दें,समझें सबकी संस्कृति। स्काउट गाइड सिखाताअनुशासन का पाठ,चलो हिलमिल जाएं हम सबमिटाके आपस की दूरी। जम्बूरी…

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दम्भ पर कविता – बाबूलालशर्मा *विज्ञ*

मन और भावनाएँ

दम्भ पर कविता घाव ढाल बन रहे. स्वप्न साज बह गये।. पीत वर्ण पात हो. चूमते विरह गये।। काल के कपाल पर. बैठ गीत रच रहा. प्राण के अकाल कवि. सुकाल को पच रहा. सुन विनाश गान खगरोम की तरह गये।पीत वर्ण……….।। फूल शूल से लगेमीत भयभीत छंदरुक गये विकास नव. छा रहा प्राण द्वंद.

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मोहिनी-डॉ एन के सेठी

हिंदी कविता

मोहिनी-कुंडलियाँ सूरत है मन मोहिनी, राधा माधव साथ।हुए निरख सब बावरे, ले हाथों में हाथ।।ले हाथों में हाथ, छवि लगती अति न्यारी।मुरलि बजाए श्याम,लगे सबकोये प्यारी।।कहता कवि करजोरि,है मनमोहिनी मूरत।सब पाएं सुख चैन, देखके उनकी सूरत।।🕉🕉🕉🕉राधा गोरी है अधिक, साँवले घनश्याम।लगती दोनों की छवी,अनुपमअरुअभिराम।।अनुपम अरु अभिराम, रूप सुंदर है भाया।प्रेमभावअलौकिक,दुनिया को ही सिखाया।।कहत नवल करजोरि,

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