मनीभाई नवरत्न की कविता

doha sangrah

मनीभाई के दोहे ( Manibhai ke Dohe)

प्रकृति और पर्यावरण

मनीभाई के दोहे (1) जंगल मंदिर बन गये , शहर हुए अब खेत।मानव के करतूत से , हो गये पशु निश्चेत।। (2) मानव तेरी भूख ही , मांस नोच के खाय।है तू हिंसक पशु बड़ा, देखत सब थर्राय। (3) मानव रक्षक है प्रकृति ,मानव बन शैतान ।छोटे से सुख के लिए,काटत मुर्गा श्वान।। (4) प्रीत […]

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गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक का हिस्सा बने मनीभाई पटेल “नवरत्न”

हिंदी कविता

गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक का हिस्सा बने मनीभाई पटेल “नवरत्न” बसना -भारत के 18 राज्यों के अलावा चार देशों के साहित्यकार द्वारा सृजित विश्व के प्रथम छंदबद्ध भारत का संविधान का हिंदी भवन, नई दिल्ली में विमोचन हुआ। मूल संविधान के 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित

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किसान खेत जोतते हुए

सपनों का दाना /मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

सपनों का दाना /मनीभाई नवरत्न जमीन में दफन होकरपसीने से सिंचितकड़ी देखभाल मेंउगता है ,सपनों का दाना बनके। लाता है खुशियां;जगाता है उम्मीद,कर्ज चुकता करने की।पर रह नहीं पाताअपने जन्मदाता के घर। खेत खलिहान से करता हैमंडे तक की सवारी।और अपने ही भीड़ मेंखो जाती है अनाथ होकर। डरता है ,बारदाने की घुटन से।जाने कब

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किसान खेत जोतते हुए

कृषक मेरा भगवान / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

कृषक मेरा भगवान / मनीभाई नवरत्न मैंने अब तकजब से भगवान के बारे में सुना ।न उसे देखा,न जाना ,लेकिन क्यों मुझे लगता हैकि कहीं वो किसान तो नहीं।। उस ईश्वर के पसीने सेबीज बने पौधे,पोषित हुये लाखों जीव।फसल पकने तकचींटी,चूहे,पतंगों कावही एकमात्र शिव।।किसान तो दाता हैइसीलिए वो विधाता है।पर वो आज अभागा है।कुछ नीतियों

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shri Krishna

कृष्ण पर आधारित कविता -मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

कृष्ण पर आधारित कविता -मनीभाई नवरत्न हे कृष्ण !आप सर्वत्र।फिर भी खोजता हूँ;अगर कहूं आप पूर्ण हो ।तो सत्य भी हो जायेगा असत्य।चूंकि मैं अपूर्ण जो ठहरा । हे द्वारकाधीश !संसार रूपी कुरुक्षेत्र के नायक !संघर्ष में जन्मे ,खतरों में पलेतथापि बाल लीलाएँ,बताती जीवन के मायने।पर्वत उठाना,कालिया मर्दनकंस रूपी काल को पछाड़नाउसी की नगरी में

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1मार्च शून्य भेदभाव दिवस पर कविता

1मार्च शून्य भेदभाव दिवस पर कविता / मनीभाई नवरत्न

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता,

1मार्च शून्य भेदभाव दिवस पर कविता / मनीभाई नवरत्न शून्य भेदभाव दिवस पर, हम एक हो जाएँ ,पूरा विश्व एकजुट, सुबह के सूरज के नीचे।करते हैं आवाज़ बुलंद और स्पष्ट ,नफ़रत को और न कहने के लिए, भय को दूर करने के लिए। हम सब एक जैसे हैं, त्वचा के नीचे खून से कोई जाति

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प्यार पर कविता / वेलेंटाइन दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता,

प्यार पर कविता / वेलेंटाइन दिवस पर कविता प्यार पर कविता प्यार है जीवन का आधार एक सत्य जीवन का, प्रेम जीवन का आधार।स्नेह प्रेम की भाषा समझे, ये सारा संसार । एक उत्तम फूल धरा पर, जो खिल सकता,वो है प्रेम का फूल।मानव हृदय में प्रस्फुटित होता, प्रेम में क्षमा हो जाती हर भूल।

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मनीभाई की तांका

हिंदी कविता

मनीभाई की तांका नंद के लालाब्रज का तू गोपालाहै भोला भालाभाये बांसुरी तेरीछाये प्रेम घनेरी।। -मनीभाई ●●●●●●●●●●नाचते देखादेव विसर्जन मेंलोगों कोलिए फूहड़पनडीजे केे तरानों में।●●●●●●●●●●मैं नहीं एकमेरे रूप अनेकमैं ही ना जानूँ मेरी हकीकत कोमुझसे मिला दे तू।●●●●●●●●●●मनीभाई ‘नवरत्न’ मनीभाई की ताकाँ आता न कलमहाकाल विजेताकर तो शुरूअपना अभियानलाना गर तूफान।

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छूकर मुझे बसंत कर दो

हिंदी कविता

छूकर मुझे बसंत कर दो – निमाई प्रधान तुम बिन महज़ एक शून्य-सा मैंजीकर मुझे अनंत कर दो ….। पतझर-पतझर जीवन हैछूकर मुझे बसंत कर दो ।। इन्द्रधनुष एक खिल रहा है, मेरे हृदय के कोने में…..बस जरुरत एक ‘हाँ’ की …शून्य से अनंत होने में ।छू लो ज़रा लबों को मेरे..शंकाओं का अंत कर

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दीपक पर कविता

हिंदी कविता

नव्य आशा के दीप जले – मधु सिंघी नव्य आशा के दीप जले,उत्साह रूपी सुमन खिले।कौतुहल नवनीत जगाकर,नया साल लो फिर आया। मन के भेद मिटा करके,नयी उम्मीद जगा करके।संग नवीन पैगाम लेकर ,नया साल लो फिर आया। सबसे प्रीत जगा करके,सबको मीत बना करके।संग में सद्भावनाएँ लेकर ,नया साल लो फिर आया। मुट्ठी में

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shri Krishna

श्याम छलबलिया – केवरा यदु

हिंदी कविता

श्याम छलबलिया – केवरा यदु श्याम छलबलिया कइसे भेज दिहे व पाती।तुम्हरे दरस बर तरसथे मोर आँखी।तुम्हरे दरस बर तरसथे मोर आँखी।।कान्हा रे कान्हा रे कान्हा रे कान्हा रे।ऊधो आइस पाती सुनाइस।पाती पढ़ पढ सखी ला सुनाईस।पाती सुन के पाती सुन के धड़कथे मोर छाती।।तुम्हरे दरस बर तरसथे मोर आँखी।।कान्हा रे कान्हा रे कान्हा रे

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सिरपुर की कविता

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27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। विद्यालय में इस दिन पर्यटन का महत्व बताते हुए प्रान्त तथा देश के पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी करानी चाहिए। पर्यटन के विभिन्न साधनों से अवगत कराते हुए सड़क मार्ग तथा रेलमार्गों के नक्शे लगाकर महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुँचने का मार्ग तथा समय, व्यय आदि भी

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