मनीभाई नवरत्न की कविता

चलो हिंदी को दिलाएं उसका सम्मान(CHALO HINDI KO DILAYE USKA SAMMAN)

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी […]

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हिंदी बोलो

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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नारी पर कविता

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

स्त्री पर कविता ( Stree Par Kavita ): चैत्र नवरात्रि हिन्दु धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। चैत्र नवरात्रि चैत्र (मार्च अप्रेल के महीने) में मनाई जाती है, इसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना की जाती है। चूकी दुर्गा माँ भी एक स्त्री है तो नारी शक्ति पर एक कविता नारी पर सुन्दर कविता आँखों  

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शिव में ध्यान लगा -मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

शिव में ध्यान लगा शिव में ध्यान लगा, रे मनुवा.शिव में ध्यान लगा.शिव में ध्यान लगा, रे मनुवा.शिव में ध्यान लगा. मौका मिला तुझे , शिव से मिलने को .जाने ना दे ये पल, दिन है ढलने को ।वरना होगा गुनाह, मिले ना फिर पनाह.मन से अपने आलस भगा .शिव में ध्यान लगा, रे मनुवा.शिव

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बारिश पर कविता हिन्दी में

प्रकृति और पर्यावरण

यहां बारिश पर कविता हिन्दी में दिए जा रहे हैं आप इनको पढ़के आनंद लें। बारिश का मौसम सर सर सरसराता समीरचम चम चमकती चपलाथम थम कर टपकती बूँदेंअनेक सौगात लाती बहारेंप्रेम का, खुशियों काबारिश के मौसम का। घनश्याम घिरे नभ घन मेंहरित धरा राधे की आँचलघनघोर बरसता पानी मध्य मेंलगता ज्यों खीर सागर बीच

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जवाहरलाल नेहरू

विश्व बाल दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हास्य और व्यंग्य, ,

विश्व बाल दिवस पर दोहा:- बाल दिवस पर विश्व में,हों जलसे भरपूर!बच्चों का अधिकार है,बचपन क्यों हो दूर!!१ कवि , ऐसा साहित्य रच,बचपन हो साकार!हर बालक को मिल सके,मूलभूत अधिकार!!२ बाल श्रमिक,भिक्षुक बने,बँधुआ सम मजदूर!उनके हक की बात हो,जो बालक मजबूर!! ३ बाबूलाल शर्मा अलबेला बचपन पर हास्य कविता मेरा बचपन बड़ा निराला,कुचमादों का डेरा

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Happy Republic day

गणतंत्र दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता,

गणतंत्र दिवस पर कविता : गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। गणतंत्र पर दोहा वीरों के बलिदान से,मिला हमें गणतंत्र।जन-जन के सहयोग से,बनता रक्षा यंत्र।। गणतंत्र दिवस हो अमर,वीरों को कर याद।अपनों के बलिदान से,भारत है

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holi

होली पर कविता

समाज और यथार्थ,

होली पर कविता होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। प्राचीन काल में लोग चन्दन और गुलाल से ही होली खेलते थे। समय के साथ इनमें भी बदलाव देखने को मिला है। कई लोगों द्वारा प्राकृतिक रंगों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे त्वचा या

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वीर नारायण सिंह माटी के शान

हिंदी कविता

वीर नारायण सिंह माटी के शान देस बर अजादी, नइ रिहिस असान ।वीरमन लड़ीन अउ, हाेगिन बलिदान ।सबोदिन हे अगुआ म छत्तीसगढ़िया ।वीर नारायण सिंह ह, इ माटी के शान। इक बेला राज म, महा दुकाल छाइस।दुख पीरा घेरिस अउ सबला तड़पाइस।कइसे देखे भुखमरी हमर वीर सहासी।माखन ल लूटिस, फेर अनाज बटादिस। आंदोलन के बात

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आजादी के अलख जगैय्या

हिंदी कविता

आजादी के अलख जगैय्या वीर नारायण तोर जीनगी के एके ठन अधार।सादा जीवन जीबो अउ बढ़िया रखबो विचार।हक के बात आही त, नई झुकन गा बिंझवारअंग्रेज ला चुनौती देबो, मचा देबो हाहाकार। सोनाखान मा जनम लिस, रामराय परिवार।जेकर पूर्वज रिहीन तीन सौ गां के जमींदार।अकाल पढ़िस राज मा, भुखमरी के शिकार।वीर अपन आंखी ले तो

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माटी की शान वीर नारायण सिंह पर

देशभक्ति, हिंदी कविता

भारत को आजादी पाना इतना नहीं था आसान ।वीरों ने संघर्ष किया और किया अपना बलिदान ।अग्रगण्य हैं उनमें सदा छत्तीसगढ़ के वीर महान।शहीद वीर नारायण सिंह बने इस माटी की शान। भुखमरी का शिकार हो रहे थे ,हमारे प्रांतवासी।कोई नहीं देख सकता ऐसा दृश्य जो हो साहसी।क्रूर माखन का लूटा गोदाम, संकोच ना जरा

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बाबा गाडगे का जीवन – मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

बाबा गाडगे का जीवन धन दौलत चाहे रुपया पैसाभौतिक संपदा हो भरपूर।जनसेवा में लगा दो मनुवादान करो, बनके सच्चे सूर। देखो,बाबा गाडगे का जीवनभीख मांगा पर किया समर्पणदिया सर्वस्व लोक सेवा हेतुजो भी रहा अपना अर्जन ।। नहीं बनवाई अपनी कुटियाबीता दिया जीवन तरु तल।एक बर्तन से ही खाना पीनाउसी से  करते भजन कीर्तन अनपढ़

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