मनीभाई नवरत्न की कविता

सादा जीवन पर कविता -मनीभाई नवरत्न

प्रकृति और पर्यावरण

सादा जीवन पर कविता –मनीभाई नवरत्न एक ओर रंगशालादूसरी ओर रंग सादा।कोई टक्कर नहीं जिनके बीचकौन सुरमा है ज्यादा?वैसे ख्याति विविध रंगों की हैहरा लाल पीला नीलाये ना होते तोकहने वाले राय मेंदुनिया बेरंग होती ।पर जरा सोचो तोरंगों की उत्पत्ति कहां से हुई ?प्रकृति की छटा बिखेरती इंद्रधनुषकैसे प्रकट हुआ ?सूर्य की श्वेत रश्मि […]

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तरी हरी नाना मोर नरी हरी नाना रे सुवाना

हिंदी कविता

तरी हरी नाना मोर नरी हरी नाना तरी हरी नाना मोर नरी हरी नाना रे सुवाना।पिया ला सुना देबे मोर गाना तरी हरी नाना। बेर उथे फेर , बेरा जुड़ाथे,रातके मोरे नीदियां उड़ाथे,अतक मया, मय काबर करेंजतक करें ओतक तरसाथे।डाहर बैरी के देखत सुवानाजान डारिस सारा जमाना।तरी हरी नाना मोर नरी हरी नाना रे सुवाना।

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मैंने चाहा तुमको हद से -मनीभाई

हिंदी कविता

मैंने चाहा तुमको हद से -मनीभाई मैंने चाहा तुमको हद से,कोई खता तो नहीं।मैंने मांगा मेरे राम सेकोई ज्यादा तो नहीं।तू समझे या ना समझेतू चाहे या ना मुझे चाहेइसमें कोई वादा तो नहीं। तेरी भोली बातें सुनूं,या देखूं ये निगाहेंकैसे संभालूं दिल को,कैसे छुपाऊं आहें।तेरे पास पास रहूं,तेरे साथ साथ चलूंइसकी कोई वजह तो

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मेरी जीवन यात्रा

हिंदी कविता

मेरी जीवन यात्रा मेरी ये यात्रामुट्ठी बंद शून्य सेअशून्य की ओर।जैसे ही नैन खुले,चाहिए खिलौने।और एक चमकता भोर। पाने की तलाश।जिसकी बुझे ना प्यास।ये कुछ पाना ही बंधन है ।पर जो मिल रहामन कैसे कह देसब धोखा है, उलझन है। ये जो घोंसला तिनकों कामेरी आंखो के सामने।जिसमें आराम है सुरक्षा है।ठंड में गरमऔर गर्म

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क्रिकेट पर कविता| POEM ON CRICKET IN HINDI

हिंदी कविता

हमारे देश में घर-घर में क्रिकेट मैच देखा जाता है क्रिकेट मैच के दौरान टीवी देखते वक्त घर का माहौल खास हो जाता है। पति पत्नि का नोक झोंक और क्रिकेट का वर्णन करती हुई मनीभाई का यह कविता जरूर पढ़िए। क्रिकेट पर कविता| POEM ON CRICKET IN HINDI क्रिकेट का खेल है, रोमांच से

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दीपावली पर कविता (Diwali kavita in hindi)

समाज और यथार्थ

का के राजा रावण का वध कर पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटे तो उस दिन पूरी अयोध्या नगरी दीपों से जगमगा रही थी. भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या आगमन पर दिवाली मनाई गई थी. हर नगर हर गांव में दीपक जलाए गए थे. तब से लेकर

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ऐसो के भादों अंधियारी म पोला मनाबो

हिंदी कविता

ऐसो के भादों अंधियारी म पोला मनाबो गीतकार: मनीभाई नवरत्न बैंइला के सींग म, बैईला के खूर म तेल लगाबो । फेर वोला नवा झालर ओढ़ाबो ।ऐसो के भादों अंधियारी म पोला मनाबो। भोला के बैइला के बंदन करले ।जाता म चूल्हा म चंदन रंग ले ।ओमा ठेठरी खुरमी के भोग लगा ले । चलव

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चोका कैसे लिखें (How to write Choka )

हिंदी कविता

चोका कैसे लिखें शिल्प की दृष्टि से चोका की पंक्तियों में क्रमशः 5 और 7 वर्णों की आवृत्ति होती है तथा अंतिम पाँच पंक्तियों में 5,7,5,7,7 वर्णक्रम अर्थात एक ताँका के क्रम से कविता पूर्ण होती है । कविता की लंबाई की सीमा रचनाकार की भाव पूर्णता पर निर्भर  रहती है  । या यूँ कहें

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आगे आगे तीजा तिहार आगे – मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

आगे आगे तीजा तिहार आगे – मनीभाई नवरत्न ऐ दीदी ओ,  ऐ बहिनी ओ।आगे आगे तीजा तिहार आगे।। सावन भादों सुख के देवय्या।झमाझम बादर चले पुरवय्या।।डारा पाना ह सबो हरियागे।आगे आगे तीजा तिहार आगे।। झूलेना बने हे  सुग्घर पटनी।धरे रहव जी दवरा के गठनी।ठेठरी खुरमी अउ खारा कटनी।भजिया सुहाथे लहसून के चटनी।नोनी बाबू ऐदे खाये

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भादों के अंजोरी म आगे तीजा तिथि – मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

भादों के अंजोरी म आगे तीजा तिथि सूत बिहनिया उठके , मय करव अस्नान ।पार्वती ओ मैंइया तोरे हावे मोला धियान ।जइसन पाये तय अपन भोला भगवान।वइसन पावव हरजनम, मय अपन गोसान। लाली चौकी फबेहे, सुग्घर भुइयां भित्ति।भादों के अंजोरी म, आगे तीजा तिथि।आसन बिराजे हे, भोलेबाबा पारबती।भादों के अंजोरी म, आगे तीजा तिथि। सोला

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मनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायें

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

मनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायें मनीभाई नवरत्न के कविता मौत मौत क्या है ?जलती लौ का बुझ जाना।या राख हो मिट्टी में मिलना । बड़ी भयानक है ना मौत ?यह सोच ही रूह कांप उठती,कि सभी को न्योता मिलेगामौत का ,एक दिन । मौत से इतना डर क्यों ?क्या कोई इसे जानता ?एकदम करीब से

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मनीभाई नवरत्न की १० कवितायेँ

प्रकृति और पर्यावरण

हाय रे! मेरे गाँवों का देश -मनीभाई नवरत्न हाय रे ! मेरे गांवों का देश ।बदल गया तेरा वेश। सूख गई कुओं की मीठी जल ।प्यासी हो गई हमारी भूतल ।थम गई पनिहारों की हलचल ।क्या यही था विकास का पहल ?क्या यही है अपना प्रोग्रेस ?हाय रे! मेरे गांवों का देश । भूमि बनती

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