27 सितंबर विश्व पर्यटन दिवस पर कविता

27 सितंबर विश्व पर्यटन दिवस

हमारे देश में आना ( विश्व पर्यटन दिवस पर कविता )

हमारे देश में आना (विश्व पर्यटन दिवस पर कविता ) हमारे देश में आना लगेगी धूप—छांवमिलेंगे रंग कई देखना शहर—ओ—गांव हमारा देश है हमारे ही मन का आंगनइस धरा के चरण को चूमता है नीलगगनन जाने कैसी है इस देश की माटी से लगनजो यहां आता है हो जाता है सब देख मगन घूम के …

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सिरपुर की कविता

सिरपुर की कविता सिरपुर की है , इतिहास गहरा।छत्तीसगढ़ की है, ये पावन धरा।गौरव बढ़ाता लक्ष्मणेश्वर ।यश फैलाता महादेव गंधेश्वर।भग्नावशेष है स्वास्तिक विहार के,जिसमें विराजे गौतम बुद्धेश्वर ।श्रीपुर है दिव्य स्थल,जहाँ देवों का पहरा ।छत्तीसगढ़ की है, ये पावन धरा।1 दक्षिण कोशल की है जो राजधानी ।पांव पखारे जिसे ,महानद की पानी ।राम-लक्ष्मण की मंदिर …

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