मनुष्य की सहज एवं स्वाभाविक अभिव्यक्ति का रूप गद्य है। कविता और गद्य में बहुत सी बातें समान हैं। दोनों के उपकरण शब्द हैं जो अर्थ परिवर्तन के बिना एक ही भंडार से लिए जाते है; दोनों के व्याकरण और वाक्यरचना के नियम एक ही हैं।
Prose is the form of simple and natural expression of man. Many things are the same in poetry and prose. Both have instrument words that are taken from the same repository without changing the meaning; The rules of grammar and syntax are the same.

चोका:- हरित ग्राम
choka

चोका:- हरित ग्राम

चोका :-हरित ग्राम★★★ ★★ हरित ग्राम...हरी दीवार परपेड़ का चित्र।छाया कहीं भी नहींदूर दूर तक।नयनाभिराम हैमहज भ्रम।आंखों में झोंक लियेधुल के कण।तात्कालिक लाभ नेकिया है अंधास्वार्थपरताखेलती अस्तित्व सेयह जान केबनते…

टिप्पणी बन्द चोका:- हरित ग्राम में

हिन्दी निबंध : कोरोना वायरस (संकलित रचना )

प्रस्तावना : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना की कोरोना अमेरिका पर पर्ल हार्बर और 9/11 के आतंकी हमले से बड़ा हमला है. जो इस बात की पुष्टि…

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सुधारू बुधारू के गोठ -मनीभाई नवरत्न

सुधारू बुधारू के गोठ (छत्तीसगढ़ी व्यंग्य) बुधारू ह गांव के गौंटिया के दमाद के भई के बिहाव म जाय बर फटफटी ल पोछत राहे।सुधारू ओही बखत आ धमकिस।अऊ बुधारू ल…

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साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू 13/07/2017, 14:42:17: मनी भाई: आदरणीय बालकदास 'निर्मोही ' जी नमस्कार , कैसे है आप ? आशा है कि आप सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:07:…

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