यह अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है । संगीत के क्षेत्र में इस विधा को गाने के लिए इरानी और भारतीय संगीत के मिश्रण से अलग शैली निर्मित हुई।
अरबी भाषा के ‘ग़ज़ल’ शब्द का अर्थ है औरतों से या औरतों के बारे में बातें करना।

It is a famous poetic genre of Arabic literature. In music, this genre was created by mixing Iranian and Indian music to sing this genre.
The word ‘Ghazal’ in Arabic means to talk to women or about women.

kavita bahar
kavita bahar

प्रेमिका के लिए कविता – नेहा चाचरा बहल

प्रेमिका के लिए कविता - kavita bahar तुम्हे देखने का बड़ा मन है - नेहा चाचरा बहल न जाने क्यों आज तुम्हे देखने का बड़ा मन हैलिख कर जज़्बात खत…

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hindi gazal || हिंदी ग़ज़ल
hindi gazal || हिंदी ग़ज़ल

सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल

सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल गज़ल बहर 1212  1212   1212   1212 दबा के दुखती नस को लाया जलज़ला अभी -अभीच़रागे दिल जला गया वो हमनवा अभी - अभीदुआ करो कि…

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hindi gazal || हिंदी ग़ज़ल
hindi gazal || हिंदी ग़ज़ल

हिंदी ग़ज़ल-क्या भला रह जायेगा

इस ग़ज़ल के माध्यम से संसार की भंगुरता और अस्थिरता की बात की जा रही है।अपने कर्तव्ययों का निष्ठापूर्वक निर्वहण करके गीता के आप्त वचनों को अंगीकार करने एवं सवेदनशील रहने की बात की गई है।

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2nd Sunday of may Mother's Day
2nd Sunday of may Mother's Day

माँ की ममता – सुश्री गीता उपाध्याय

परम्परानुसार इस दिन प्रतीकात्मक उपहार देने तथा कुछ परम्परागत महिला कार्य जैसे अन्य सदस्यों के लिए खाना बनाने और सफाई करने को प्रशंसा के संकेत के रूप में चिह्नित किया गया था।…

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hindi geet || हिंदी गीत
hindi geet || हिंदी गीत

जाने कैसी बात चली है

गीतिका जाने कैसी बात चली है।सहमी-सहमी बाग़ कली है।। जिन्दा होती तो आ जातीशायद बुलबुल आग जली है। दुख का सूरज पीड़ा तोड़ेसुख की मीठी रात ढली है।। नींद कहाँ…

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भाषा बड़ी है प्यारी -बासुदेव अग्रवाल नमन

भाषा बड़ी है प्यारी भाषा बड़ी है प्यारी, जग में अनोखी हिन्दी,चन्दा के जैसे  सोहे, नभ में निराली हिन्दी। इसके लहू में संस्कृत, थाती बड़ी है पावन,ये सूर, तुलसी, मीरा,…

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वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होता

वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होताज़ीस्त में मेरी उजाला ही उजाला होता दरकते रिश्तों में थोड़ी सी तो नमी होतीअपनी जुबान को जो हमने सम्हाला होता तुमको भी…

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