नेक काम

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“कुण्डलिया”

आये हो संसार मे, नेक काम कर जाय।
विपदा आफत टाल कर,सब की करे सहाय।
सब की करे सहाय,प्रभु ने लायक बनाया।
मेहर उस की होय,खुशिया जी भर लुटाया।
कहै मदन कर जोर, यही से सब कुछ पाये।
दाता को लौटाय, नाम करने तुम आये।।

मदन सिंह शेखावत ढोढसर

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