KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मेरी माँ ही तो मेरी जान है।

मेरी माँ मुझसे बहुत प्यार करती है।

आज मुझे माँ की जरूरत है तो नहीं पास है,
माँ एक इंसान नहीं माँ तो बस एहसास है।

अगर हर कोई माँ जैसा प्यार करे तो कमी किसकी खलेगी,
माँ के बिना दुनिया में तुम अकेली कैसे चलोगी,
आज माँ है तो दो पल बैठ ने का वक्त नहीं,
कल माँ न रही तो गले किसके मिलोगी।

आज माँ है तो दो पल बैठ ने का वक्त नहीं
कल दो पल होगें और वक्त नहीं।

कविता: वंशिका यादव

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11 Comments
  1. वंशिका यादव अनुष्का (अनू) says

    Maa ne best hai beta hai

  2. Jain says

    Accha hai

  3. Jain says

    Lajawab

  4. Vanshika yadav says

    Meri maa

  5. Vanshika yadav says

    Please comment my poem

  6. Mandvi bajpai says

    Awesome

  7. Sandhya says

    Nice 👌keep it up👍

  8. Pankaj mishra says

    Very nice Keep on writing like this

  9. Slok says

    Wah wah

  10. Jain says

    Bahut aache

  11. Jain singh says

    👌👌👌👌👌