अनुशासन पर दोहे

अनुशासन पर दोहे

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अनुशासन संसार में,है जीवन का मूल।
अनुशासित रहना सदा,नहीं चुभेगी शूल।।

अनुशासन वह मंत्र है,जिससे जग उजियार।
इसके पालन से बने,सुख सुरभित संसार।।

अनुशासन जिसमें रहे,पाकर वह पहचान।
मनुज जगत के बीच में,बनता परम महान।।

जब अनुशासन हो नहीं,मानव के मनभाव।
लक्ष्य कहाँ मिलता कभी,उल्टा पड़े बहाव।।

कोहिनूर धारण करो,अनुशासन की रीति।
सफल बनो संसार में,नित्य बढ़े मन प्रीति।।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.

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डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)एम .ए.हिंदी ,संस्कृत, समाजशास्त्र ,B.Ed ,कंप्यूटर पीजीडीसीए व्यवसाय -- शिक्षक जन्मतिथि -- 5 सितंबर 1984 प्रकाशित रचनाएं -- बापू कल आज और कल(साझा संग्रह),चाँद के पार साइंस वाणी पत्रिका, छ ग जनादेश अखबार, छ ग शब्द आदि कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित। सम्मान -- 1. राष्ट्रीय कवि चौपाल कोटा राजस्थान प्रथम द्वितीय तृतीय 2019। 2. श्रेष्ठ सृजन रचनाकार का सम्मान। 3. बिलासा साहित्य सम्मान । 4. कला कौशल साहित्य सम्मान। 5. विचार सृजन सम्मान 2019। 6. अंबेडकर शिक्षा क्रांति अवार्ड। 7. छत्तीसगढ़ गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 8. मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 पता -- ग्राम पीपरभावना, पोस्ट- धनगांव,तहसील-बिलाईगढ़, जिला- बलौदाबाजार ,छत्तीसगढ़ पिन - 493559 मोबाइल नंबर - 8120587822