KAVITA BAHAR
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आनंद पर कविता

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आनंद पर कविता

मुझे है पूरा विश्वास
नहीं है असली आनंद
मठों-आश्रमों व
अन्य धर्म-स्थलों में

इन सब के प्रभारी
लालायित हैं
लोकसभा-राज्यसभा
या फिर विधानसभा में
जाने को

मुझे है पूरा विश्वास
असली आनंद
लोकसभा-राज्यसभा
या फिर विधानसभा
में ही है

इसलिए ही
योगी, साध्वी व
अन्य मठाधीश हैं टिकटार्थी

संसद और विधानसभाओं में
कीर्तन होने के
प्रबल आसार हैं

-विनोद सिल्ला©

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