KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मन पर कविता

मन पर कविता(१६,१६)मानव तन में मन होता है,जागृत मन चेतन होता है,अर्द्धचेतना मन सपनों मे,शेष बचे अवचेतन जाने,मन की गति मन ही पहचाने।मन के भिन्न भिन्न भागों…

नई साल पर कविता

नई साल पर कविता(दोहा छंद)नई ईसवी साल में, बड़े दिनों की आस।.स्वागत नूतन वर्ष का, करते भाव विभोर।गुरु दिन भी होने लगे, मौसम भी चित चोर।।.माह दिसंबर में रहे,…

विश्व बाल दिवस पर कविता

विश्व बाल दिवस पर कविता14 नवम्बर बाल दिवस 14 November Children's Dayदोहा:-बाल दिवस पर विश्व में,हों जलसे भरपूर!बच्चों का अधिकार है,बचपन क्यों हो दूर!!१…

सावन पर कविता (चौपाई छंद)

सावन पर कविता (चौपाई छंद)सावन मास पुनीत सुहावे।मोर पपीहा दादुर गावे।।श्याम घटा नभ में घिर आती।रिमझिम रिमझिम वर्षा भाती।।१आक विल्व जल कनक चढ़ाकर।शिव अभिषेक…

सदा छला जन का विश्वास

सदा छला जन का विश्वासविश्वास. गीत (१६,१५)सत्ताधीशों की आतिश से,जलता निर्धन का आवास।राज महल के षडयंत्रों ने,सदा छला जन का विश्वास।युग बीते बहु सदियाँ…

माँ के आँचल मे सो जाऊँ (१६ मात्रिक)

माँ के आँचल मे सो जाऊँ (१६ मात्रिक)आज नहीं है, मन पढ़ने का,मानस नहीं गीत,लिखने का।मन विद्रोही, निर्मम दुनिया,मन की पीड़ा, किसे बताऊँ,माँ के आँचल में, सो…

दोषी पर कविता

दोषी पर कविता ( १६,१४ ताटंक छंद )सामाजिक ताने बाने में,पिसती सदा बेटियाँ क्यों?हे परमेश्वर कारण क्या है,लुटती सदा बेटियाँ क्यों?मात पिता पद पूज्य बने…

जन चरित्र की शक्ति

जन चरित्र की शक्तिभू पर विपदा आजठनी है भारी।संकट में है विश्वप्रजा अब सारी।।चिंतित हैं हर देशविदेशी जन सेचाहे सब एकांतबचें तन तन सेघातक है यह रोगडरे नर…

बादल पर कविता

बादल पर कविताबादल घन हरजाई पागल,सुनते होते तन मन घायल।कहीं मेघ जल गरज बरसते,कहीं बजे वर्षा की पायल।इस माया का पार न पाऊँ,क्यों बादल बिरुदावलि गाऊँ।मैं…