KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

महात्मा गाँधी पर दोहे

महात्मा गाँधी पर दोहे ★★★★★★★★★★★★★★★★ सत्य धरम की राह पर,चलकर हुए महान। भारत आज स्वतंत्र है,पा जिनका अवदान।। परम अहिंसा धर्म का,बनकर नित ही भक्त।…

हिन्दी कविता: अब तो पाठ पढ़ाना है

अब तो पाठ पढ़ाना है ★★★★★★★★★ फिर सीमा में आ जाए तो, गलवान को याद दिलाना है। दुस्साहस कर न सके वह, ऐसी सबक सिखाना है। ए वीर जवानों सुन लो, सबको यह…

कविता:भीम बाबा

तांटक छंद - भीम बाबा ★★★★★★★★★★★ दुख दर्दो को झेल जनम भर, निर्धनता के मारे थे। बाबा अपने निज कर्मो से, इस जग में उजियारे थे। ★★★★★★★★★★ छुवाछुत को…

नारी पर दोहे- डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर”

नारी पर दोहे ★★★★ नारी की यशगान हो ,नारी की ही रूप । नारी के सहयोग से,मिलते लक्ष्य अनुप।। नारी बिन कब पूर्ण है?एक सुखी परिवार। नारी जो सुरभित रहे,…

हिन्दी कविता : नंद नयन का तारा है,विधा तांटक छंद,डिजेन्द्र…

इस रचना को अधिक से अधिक शेयर करें ताटंक छंद - नंद नयन का तारा है ★★★★★★★★★★★ कोयल कूके जब अमुवा पर, मन भौंरा इठलाता है। तान…

हिन्दी कविता : कोहिनूर की आभा विधा दोहे रचनाकार डिजेन्द्र…

*कोहिनूर की आभा* ★★★★★★★★★★ सार भरा ऋग्वेद में ,देवों का आह्वान। लिखा वेद जी व्यास ने,जिसका अतुल विधान।। यजुर्वेद में मंत्र का,पावन है विस्तार।…