13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते,काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से,वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं अथवा झुलसे। परिमल-हीन पराग दाग सा बना पड़ा है,हा! यह प्यारा बाग खून से सना पड़ा है। ओ, प्रिय ऋतुराज! किन्तु … Read more

बस कर भगवन / शिवराज सिंह चौहान

बस कर भगवन / शिवराज सिंह चौहान

बस कर भगवन / शिवराज सिंह चौहान *लापरवाही इक बड़ी,*                           *बनकर आई काल।**पल में प्रलय हो गई,*                          *छीने बाल गोपाल।।* लाड प्यार तैयार कर,                               देकर बस्ता, भोज। दादा दादी मात पिता,                                 करते टाटा रोज।।किसको क्या ये था पता,                          है आज कोई जंजाल … ड्राइवर ने था किया नशा,                          या थी गति … Read more

विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर एक कविता

world-theater-day

इस कविता के माध्यम से हम सभी विश्व रंगमंच दिवस के महत्व को समझते हैं और इस उत्सव के महत्व को मनाते हैं, जो संस्कृति, कला, और समाज को एकसाथ लाता है। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर यहाँ एक कविता प्रस्तुत की जा रही है: विश्व रंगमंच के दीप सजाएं,गीत नृत्य से दिल बहलाएं।प्रतिभाओं … Read more

होली में धूम मचायेंगे /डॉ रामबली मिश्र

holi

होली में धूम मचायेंगे /डॉ0 रामबली मिश्र  होली में धूम मचायेंगे,होली में। नित रंग डाल नहलायेंगे,होली में।। स्वागत होगा पिचकारी से। हँसी ठिठोली दिलदारी से।। मुँह में सबके रंग लगेगा। सबका मुखड़ा खूब खिलेगा।। होली में रस बरसायेंगेगे,होली में। भय भूत बने डरवायेंगे,होली में।। द्वार द्वार पर रंग गिरेगा। लाल गुलाबी सकल दिखेगा।। हर कोई … Read more

आत्म निर्भर भारत/हरि प्रकाश गुप्ता, सरल 

aatmnirbhar bharat

आत्म निर्भर भारत/हरि प्रकाश गुप्ता, सरल  आओ मिलकर एक साथ सब ये सौगंध खायें। अपने भारत को हम आत्म निर्भर बनायें।। किसी चीज की कमी न हो हर चीज भारत में बनायें। खेती, वैज्ञानिक, औद्योगिक क्षेत्र, हर क्षेत्र में आगे आयें।। चीन से भी सबक सीख  हम सबसे आगे आयें। सुई से लेकर हवाई जहाज, … Read more