KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मंजूर नहीं

संघर्षों में ही काटूंगा मैं अपना सारा जीवन क्योंकि मुझे किसी तरह से भी किसी रूप में भी किसी कारण वश भी कदम दर कदम पर समझौता…

हकीकतों से

परिवर्तन के इस दौर में मैं एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हूं जहां से मुझे एक निर्णायक निर्णय लेना है परंतु कुछ…

“”आकृति की तलाश””

मुझे कहते हैं जमाने वाले एक निराकार प्राणी पर/मैं क्या करूं मुझे तो मेरी आकृति की तलाश है

शबनम की चमक

शबनम की चमक हमारे तुम्हारे मधुर रिश्तों की गंध लिए होती है मानो तो ये सच है गर न मानों तो ये ही शबनम पानी का कतरा मात्र होती है।।।

संघर्ष का प्रतिफल

मुझे मेरी संघर्ष गाथा से बेहद लगाव है प्यार है वो इसलिए कि मैं वर्तमान में जो कुछ भी हूं वो मेरे संघर्ष का ही प्रतिफल…

उम्मीद के दिये

अपनेपन में खोये हुए हम खोजते हैं उम्मीद के दिये जो हमें आशारूपी उजाले के साथ हमें एक नई…

“”संबंध””

संबंध सिर्फ हमें अपनों से जोड़ने वाली कड़ी का नाम नहीं है ये तो वो संबंध है जो सदैव हमारे बीच एक सेतु सा कार्य करता है अनेक…

“”उपदेश””

सोच रहें हैं कि हम कुछ उपदेश दे सबको पर कैसे क्या हमारा उपदेश कोई शिरोधार्य करेगा…

“मजबूरी”

मजबूरी इंसान को क्या से क्या बना देती है कही ऊपर उठाती है तो कही…