KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सैनिकों पर कविता

0 204

सैनिकों पर कविता

नन्हे मुन्ने सैनिक
नन्हे मुन्ने सैनिक

सर पे कफ़न बाँधे, हाथ में बंदूक ताने।
बढ़ते वीर सैनिक,आतंक को मारने।

भगत भी कहते थे,शेखर भी कहते थे।
दुश्मनों का सारा नशा, लगे है उतारने।

धरती भी कहती हैं, गगन भी कहता हैं।
अब तो हवा चली है,लगी है पुकारने।

देश के सीमा में डटे,मेरे वीर जवानों ने।
पल पल बढ़े आगे,पापी को संहारने।~~~~~~~◆◆◆◆◆◆~~~~~~
रचनाकार – डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)
मो. 8120587822

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.