बहके बहके कदम हैं बहके हुए हम

बहके बहके कदम हैं बहके हुए हम।
जवानी की इस दौर में दीवाने हुए तेरे हम ।
चंचला है तेरा मन तितलियों की तरह ।
नजरें हैं तेरा सनम बिजलियों की तरह ।
सांसो की सरगम में  आ साथ दे जरा ।।
बहके बहके कदम हैं….
ख़ामोशी में क्यों है दिल के झरोखे में आजा।
साथ दूंगा मैं तेरा अपनी हाथ थामा जा ।
डरना नहीं करना सनम तू मेरा ऐतबार ।
बहके बहके कदम है …
जब से तुझे देखा है तब से कुछ ना जाना.
छुप छुप के देखा करता हूं तेरी मुखड़ा सुहाना.
जवां दिलों की तस्वीर है तू सनम .
बहके बहके कदम है …..
(Visited 3 times, 1 visits today)

मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

प्रातिक्रिया दे