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भारत का सोना-ओलंपिक गेम्स पर कविता

टोक्यो ओलंपिक के भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाले श्री नीरज चोपड़ा जी का गुणगान कविता के माध्यम से किया गया है।

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 भारत का सोना

ओलंपिक गेम्स
ओलंपिक गेम्स

ओलंपिक में फिर चमका एक सितारा,
लोगों के जुबां पे था जय हिंद का नारा।
मनाओ खुशी किस बात का है रोना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

हिन्द के पानीपत का ऐसा था तस्वीर,
जन्म लिया नीरज चोपड़ा जैसे वीर।
आनंदित है देश का कोना – कोना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

अंतर्राष्ट्रीय खेलों में कर विजय,
भाला फेंक में बन गया अजय।
बल – खेल भावना है उसमें अपार,
भारत ने दिया है अर्जुन पुरस्कार।
ऐसे खिलाड़ी को अब नहीं है खोना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

देशप्रेम से भरपूर और वफादार,
सेना में देश के लिए हैं सूबेदार।
टोक्यो ओलंपिक में जीता स्वर्ण,
खुश हुए भारत के नागरिक गण।
भाला फेंक है नीरज का खिलौना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

एक स्वर्ण दो रजत और जीते चार कांस्य,
भारत के शेरों ने प्रतिद्वंदी को दिया फांस।
एथलेटिक्स में खत्म हुई पराजय की कहानी,
फेंका भला ऐसा की प्रतिद्वंदी भी मांगा पानी।
जीत का बीज भारतीयों को है बोना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

भाला से जिसने कर दिया कमाल,
नीरज जी हैं सच्चे भारत के लाल।
कांटो में खिलते हैं खुशबूदार फूल,
नीरज जी को कभी न जाना भूल।
अब भारतीयों से कोई नहीं लेगा पंगा,
ओलंपिक में लहराया शान से तिरंगा।
भारत का खिलाड़ी है सुंदर सलोना,
नीरज चोपड़ा है, भारत का सोना।

—— अकिल खान रायगढ़ जिला-रायगढ़ (छ. ग.) पिन – 496440.

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