भीगे भीगे राहों में भीगे भीगे हम

भीगे भीगे राहों में भीगे भीगे हम।
हाथों में हाथ लेकर चले संग संग।
ओ मेरे सनम …ओ मेरे सनम …
भर रही रगों में मोहब्बत की रंग ।
संभल कैसे पाऊं करें मुझको तंग
ओ मेरे सनम …ओ मेरे सनम …
आज बातें बन जायेगी वो अपनी हो जायेगी ।
लगता है ऐसे वो बाहों में आ जायेगी ।
देर ना कर हम पे मर निकला जाए दम।
ओ मेरे सनम …ओ मेरे सनम ….
कह तो रही है गिरती पानी ।
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी ।
कैसे बताऊं हाल ए दिल
ना कह सकूं मैं इसकी कहानी ।
मैं डर जाऊं हां मर जाऊं क्या असर है कम ।
ओ मेरे सनम… ओ मेरे सनम ….
प्यार जो किया है तो इजहार करूंगा ।
यह राज बताने में ना देर करूंगा ।
साथ दे जो अगर तो आगे बढूंगा ।
हां पहचान मिल गई वह मान गई , मिट गए हैं गम ।
ओ मेरे सनम ….ओ मेरे सनम ….
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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