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साहित्यिक कक्षा

चतुष्पदी (मुक्तक) क्या है ? इसके लक्षण व उदाहरण

चतुष्पदी (मुक्तक) क्या है ? इसके लक्षण व उदाहरणचतुष्पदी (मुक्तक)---समान मात्राभार और समान लय वाली रचना को चतुष्पदी (मुक्तक) कहा गया है । चतुष्पदी में

छंद क्या है? इसके प्रमुख अंगों को जानिए

सामान्यतः लय को बताने के लिये छन्द शब्द का प्रयोग किया गया है। यह अंग्रेजी के 'मीटर' अथवा उर्दू-फ़ारसी के 'रुक़न' (अराकान) के समकक्ष है।छंद क्या है?

सूर घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान:सूर घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'सूर घनाक्षरी विधान३० वर्ण(८८८६) प्रतिचरणचार चरण समतुकांतचरणांत की कोई शर्त नहीं है।सूर

देव घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: देव घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'देव घनाक्षरी विधान३३वर्ण (८८८९) प्रतिचरणचार चरण समतुकांतचरणांत नगण१११(पुनरावृत्ति)(जैसे कदम कदम)

हरिहरण घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: हरिहरण घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'हरिहरण घनाक्षरी विधान३२ वर्ण( ८८८८) प्रतिचरणचार चरण समतुकांतआंतरिक समान्तता अपेक्षितचरणांत

विजया घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: विजया घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'विजया घनाक्षरी विधान३२ वर्ण (८८८८) प्रतिचरणचार चरण समतुकांतआंतरिक समान्तता होचरणांत नगण १११

कृपाण घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: कृपाण घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'कृपाण घनाक्षरी विधान३२ वर्ण(८८८८) प्रतिचरणचार चरण समतुकांत८,८,८,८ पर यति हो, एवंचारो यति

डमरू घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: डमरू घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञ'डमरू घनाक्षरी विधान३२ वर्ण(८८८८) प्रतिचरण१६,१६,वर्ण पर यतिचार चरण समतुकांतसमस्त वर्ण मात्रा

मदन घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा ‘विज्ञ’

घनाक्षरी छंद विधान: मदन घनाक्षरी -बाबूलालशर्मा 'विज्ञमदन घनाक्षरी विधान३२ वर्ण (८८८८) प्रतिचरण१६,१६ वर्ण पर यतिचार चरण समतुकांतचलणांत २२ गुरु गुरु