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धनतेरस पर कविता

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कार्तिक कृष्ण द्वादशी धनतेरस Karthik Krishna Dwadashi Dhanteras
कार्तिक कृष्ण द्वादशी धनतेरस Karthik Krishna Dwadashi Dhanteras

धनतेरस पर कविता

कवि- सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”
जिला- महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
शीर्षक- धनतेरस व भगवान धन्वंतरि

अमृत कलश के धारक,सागर मंथन से निकले।
सुख समृद्धि स्वास्थ्य के,देव आर्युवेद के विरले।
चार भुजा शंख चक्र,औषध अमृत कलश धारी।
विष्णु के अवतार हैं देव,करें कमल पर सवारी।
आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि,हैं आरोग्य के देवता।
कार्तिक त्रयोदशी जन्म हुआ,कृपा करें धनदेवता।
पीतल कलश शुभ संकेत,देते हैं यश वैभव भंडार।
आर्युवेद की औषध खोज,किया जगत का उद्धार।
धनतेरस को यम देवता की पूजा कर 13 दीये जलाएं।
धन्वंतरि जी कृपा करेंगे,यश सुख समृद्धि स्वास्थ्य पाएं।

सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) पिन- 493558
मोब.- 8103535652
9644035652
ईमेल- [email protected]

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