KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

गीता ग्रंथ है पवित्र पावन- मनीभाई नवरत्न

गीता ग्रंथ में उल्लेखित महत्वपूर्ण बातों को आधार मानकर लिखी गई कविता

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गीता ग्रंथ है पवित्र पावन, गीता ज्ञान का सागर ।

श्रीकृष्ण ने सुनाई अर्जुन को,वह युग था द्वापर ।।

समय बदल गया पर, बदली ना गीता की महिमा ।

आज भी घटती जग में देखो,तोड़ काल की सीमा ।

कलयुग में घट जायेगी , धर्म, कर्म और मानवता ।

न्याय मिले उसी को ही , जिसके पास हो धनसत्ता।

डूबेगा सकल सृष्टि , चिंता के सागर में ।

व्याधि होगी विभिन्न,तन के इस गागर में ।

माता-पिता अनादर होंगे, पूजी जाएगी पत्थर।

तीस वर्ष ही जी सकेंगे, उम्र कम होगी घटकर ।

दूषित होगा जल, हर तरफ पड़ेगी सूखा।

भोगी होगा मानव, फिर भी रहेगा भूखा ।

(मनीभाई नवरत्न)

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