KAVITA BAHAR
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गुरूपूर्णिमा विशेष दोहे

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गुरूपूर्णिमा विशेष दोहे

करूँ नमन गुरुदेव को,
जिनसे मिलता ज्ञान।
सिर पर आशीर्वाद का,
सदा दीजिए दान।।१।।
*****
हरि गुरु भेद न मानिए,
दोनों एक समान।
कुछ गुरु हैं घंटाल भी,
कर लेना पहचान।।२।।
*****
प्रथम गुरू माता सुनो,
दूजे जो दें ज्ञान।
तीजे दीक्षा देत जो,
जग गुरु सीख सुजान।।३।।
*****
ज्ञान गुरू देकर करें,
शिष्यों का कल्याण।
गुरु सेवा से शिष्य भी,
होते ब्रम्ह समान।।४।।
*****
गुरू परीक्षा लेत हैं,
शिष्य न जो घबराय।
श्रद्धा से सेवा करे,
दिव्य ज्ञान पा जाय।।५।।
*****


—-सुश्री गीता उपाध्याय, रायगढ़ छत्तीसगढ़

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